बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के शुरुआती रुझानों ने चुनावी माहौल में जबरदस्त हलचल मचा दी है। आज सुबह 8 बजे से शुरू हुई गिनती में एनडीए को बड़ी और निर्णायक बढ़त मिलती दिखाई दे रही है और यह अंतर इतना बड़ा है कि शुरुआती संकेत ही इस बार के चुनाव का रुख साफ कर रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शुरुआती रुझानों में एनडीए और महागठबंधन के बीच बहुत बड़ा फासला दिखाई दे रहा है, जो यह स्पष्ट संदेश देता है कि बिहार में नीतीश कुमार की वापसी लगभग तय मानी जा रही है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारी मतदान के बाद आज नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। वोटों की गिनती जारी है और शुरुआती रुझानों में NDA बहुमत की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। बता दें कि बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में से सत्ता के लिए 122 सीटों का जादुई अंक जरूरी है।
इस चुनाव में NDA के घटक दलों में बीजेपी और जदयू—दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। चिराग पासवान की LJP (रामविलास) 29 सीटों पर, उपेंद्र कुशवाहा की RLM 6 सीटों पर और जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ भी 6 सीटों पर मैदान में है।
महागठबंधन की ओर से RJD 143, कांग्रेस 61, वाम दल 30 और VIP 9 सीटों पर चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा कुछ सीटों पर महागठबंधन के अंदर फ्रेंडली फाइट भी देखी जा रही है, जिनमें चैनपुर, करगहर, नरकटियागंज, सिकंदरा, कहलगांव और सुल्तानगंज शामिल हैं।
इस चुनाव में कई हाई-प्रोफाइल उम्मीदवार चर्चा में हैं। महुआ से तेजप्रताप यादव, अलीनगर से मैथिली ठाकुर, मोकामा से अनंत सिंह, छपरा से खेसारी लाल यादव, राघोपुर से तेजस्वी यादव, तारापुर से सम्राट चौधरी, लखीसराय से विजय सिन्हा और जनसुराज पार्टी के प्रशांत किशोर की सीटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रुझानों से साफ है कि मुकाबला दिलचस्प मोड़ ले चुका है और अंतिम परिणाम यह तय करेंगे कि 2025 में बिहार की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।





