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बिंदुखत्ता के 80 हजार लोगों के लिए जगी आस: भूमिधरी अधिकार के लिए केंद्र से पैरवी करेंगे सीएम धामी; राजस्व ग्राम बनाने की प्रक्रिया तेज

हल्द्वानी/नैनीताल। उत्तराखंड के बिंदुखत्ता क्षेत्र के हजारों निवासियों के लिए लंबे समय से लंबित भूमिधरी अधिकार (Land Ownership Rights) का मुद्दा अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम (Revenue Village) का दर्जा दिलाकर वहां के लगभग 80 हजार लोगों को मालिकाना हक दिलाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में जिला प्रशासन को आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं और भरोसा दिलाया है कि वे स्वयं इस मामले की मजबूती से पैरवी केंद्र सरकार के समक्ष करेंगे।

बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने के लिए सख्त निर्देश

सर्किट हाउस में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बिंदुखत्ता के जटिल भूमि स्वामित्व के मसले पर चर्चा की।

  • प्रशासनिक सक्रियता: सीएम धामी ने कुमाऊं कमिश्नर और नैनीताल के जिलाधिकारी (DM) को निर्देशित किया कि राजस्व ग्राम के दर्जे से जुड़ी सभी तकनीकी और कानूनी औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
  • केंद्र के पाले में पैरवी: उन्होंने कहा, “बिंदुखत्ता हमारे लिए हमेशा प्राथमिकता में रहा है। राज्य सरकार समाधान की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। हम भारत सरकार के हर स्तर पर इस मांग को प्रभावी ढंग से रखेंगे ताकि यहां के निवासियों का वर्षों पुराना सपना साकार हो सके।”

चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन पर ‘जीरो टॉलरेंस’

बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन की तैयारियों को लेकर भी कड़े रुख के साथ अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

  • बुनियादी सुविधाओं पर जोर: सीएम ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सड़क, बिजली, पानी और आवास की किसी भी प्रकार की कमी महसूस नहीं होनी चाहिए।
  • परिवहन और सुरक्षा: परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया है कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य की छवि वैश्विक स्तर पर पर्यटन के केंद्र के रूप में है, इसलिए बिना किसी बाधा के यात्रा संपन्न होनी चाहिए।

बिंदुखत्ता का महत्व और स्थानीय मांग

बिंदुखत्ता क्षेत्र नैनीताल जिले का एक बड़ा हिस्सा है, जहां बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और मेहनतकश लोग बसे हुए हैं।

  • मालिकाना हक की लड़ाई: दशकों से यहां के लोग भूमिधरी अधिकार की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ, बैंक ऋण और अन्य नागरिक सुविधाएं आसानी से मिल सकें।
  • राजनीतिक मुद्दा: हर चुनाव में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र रहता है, लेकिन मुख्यमंत्री धामी के ताजा बयान और केंद्र से पैरवी के भरोसे ने स्थानीय जनता में एक नई उम्मीद पैदा की है।

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