Thursday, March 5, 2026

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बारामती प्लेन क्रैश: रोहित पवार ने जांच रिपोर्ट को बताया ‘लीपापोती’; बोले- कंपनी और DGCA अधिकारियों को बचाने की हो रही है साजिश

बारामती/पुणे: महाराष्ट्र के बारामती में पिछले दिनों हुए विमान हादसे (Plane Crash) की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने इस रिपोर्ट पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया है। रोहित पवार ने आरोप लगाया है कि विमानन क्षेत्र के नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और संबंधित निजी कंपनी के अधिकारियों के बीच साठगांठ है। उन्होंने दावा किया कि असली दोषियों को सजा देने के बजाय, पूरी रिपोर्ट को इस तरह तैयार किया गया है जिससे जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनी के मालिकों को बचाया जा सके।

रोहित पवार के मुख्य आरोप: “सच्चाई छिपाने की कोशिश”

विधायक रोहित पवार ने सोशल मीडिया और प्रेस वार्ता के जरिए जांच प्रक्रिया की खामियों को उजागर किया:

  • अधिकारियों को संरक्षण: पवार का कहना है कि तकनीकी खराबी के स्पष्ट संकेतों के बावजूद, रिपोर्ट में मानवीय भूल (Human Error) को प्रधानता दी गई है ताकि कंपनी पर लगने वाले भारी जुर्माने और कार्रवाई से बचा जा सके।
  • सुरक्षा मानकों की अनदेखी: उन्होंने आरोप लगाया कि विमान की मरम्मत और रखरखाव (Maintenance) में भारी लापरवाही बरती गई थी, जिसे DGCA के अधिकारियों ने नजरअंदाज कर दिया।
  • जांच की निष्पक्षता: रोहित पवार ने सवाल उठाया कि जिस विभाग के अधिकारियों पर निगरानी की जिम्मेदारी थी, वही विभाग इस हादसे की निष्पक्ष जांच कैसे कर सकता है?

घटना की पृष्ठभूमि: बारामती में हुआ था हादसा

बारामती के इंदापुर तालुका में एक निजी एविएशन कंपनी का प्रशिक्षण विमान (Trainer Aircraft) दुर्घटनाग्रस्त हो गया था:

  1. हादसे का मंजर: विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक खेत में गिर गया था, जिससे पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
  2. स्थानीय लोगों का आक्रोश: घटना के समय स्थानीय लोगों ने भी दावा किया था कि विमान के इंजन से अजीब आवाजें आ रही थीं।
  3. प्रशिक्षण संस्थानों पर सवाल: इस हादसे ने पुणे और बारामती क्षेत्र में चल रहे निजी पायलट ट्रेनिंग संस्थानों की सुरक्षा ऑडिट पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए थे।

DGCA और कंपनी का पक्ष: “नियमों के तहत हुई जांच”

हालाँकि, रोहित पवार के आरोपों पर अभी तक DGCA या संबंधित कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार:

  • विभाग का मानना है कि जांच अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन मानकों के अनुसार की गई है।
  • रिपोर्ट में मौसम की स्थिति और पायलट के त्वरित फैसलों का बारीकी से विश्लेषण किया गया है।

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