बागेश्वर: उत्तराखंड का बागेश्वर जिला इन दिनों साहसिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर चमक रहा है। सुरम्य पहाड़ियों के बीच यहाँ नेशनल पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इस रोमांचक मुकाबले में भाग लेने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से 96 अनुभवी पायलट बागेश्वर पहुँचे हैं। नीले आसमान में एक साथ उड़ते रंग-बिरंगे पैराग्लाइडर्स को देखना स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए एक अद्भुत अनुभव साबित हो रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल खेल को बढ़ावा देना है, बल्कि बागेश्वर को साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना भी है।
प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण और इवेंट
प्रतियोगिता के दौरान पायलटों की तकनीकी दक्षता और साहस की परीक्षा ली जा रही है:
- एक्यूरेसी राउंड: इसमें पायलटों को हवा में कलाबाजियां दिखाते हुए एक निश्चित ‘लैंडिंग स्पॉट’ पर सटीकता के साथ उतरना होता है।
- क्रॉस कंट्री फ्लाइंग: लंबी दूरी की उड़ान के दौरान पायलटों को पहाड़ी हवाओं के रुख को समझते हुए अपने गंतव्य तक पहुँचना है।
- प्रतिभागी: हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, सिक्किम और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के साथ-साथ सेना और अर्धसैनिक बलों के जांबाज विंग भी इस प्रतियोगिता में अपना दम दिखा रहे हैं।
सुरक्षा और आयोजन की तैयारियां
इतने बड़े स्तर के आयोजन के लिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए हैं:
- टेक-ऑफ और लैंडिंग साइट: बागेश्वर की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित टेक-ऑफ साइट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। लैंडिंग के लिए नदी किनारे विशाल मैदानों को सुरक्षित किया गया है।
- आपातकालीन सेवाएं: आयोजन स्थल पर एम्बुलेंस, डॉक्टरों की टीम और रेस्क्यू विशेषज्ञों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
- स्थानीय उत्साह: प्रतियोगिता को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं, जिससे स्थानीय होटल व्यवसाय और छोटे व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
साहसिक पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
विशेषज्ञों का मानना है कि बागेश्वर की भौगोलिक स्थिति पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व के बेहतरीन स्थानों में से एक बन सकती है। यहाँ की थर्मल विंड (Thermal Winds) पैराग्लाइडर्स को लंबे समय तक हवा में रहने में मदद करती हैं।
“बागेश्वर में नेशनल पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता का आयोजन हमारे लिए गर्व की बात है। इस तरह के आयोजनों से न केवल स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा, बल्कि उत्तराखंड ‘एडवेंचर टूरिज्म’ के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करेगा।” — जिलाधिकारी, बागेश्वर
निष्कर्ष: विजेताओं पर रहेंगी नजरें
आगामी कुछ दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के अंत में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पायलटों को आकर्षक नकद पुरस्कार और ट्राफियों से नवाजा जाएगा। यह आयोजन उत्तराखंड की ‘होमस्टे योजना’ और स्थानीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में भी सहायक सिद्ध हो रहा है।





