सिडनी: इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग अपनी आधिकारिक यात्रा पर ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुके हैं। बांडी बीच पर हुए हालिया हमले के बाद यह किसी इजरायली राष्ट्राध्यक्ष की पहली ऑस्ट्रेलिया यात्रा है। हालांकि, इस यात्रा ने उस समय एक अप्रत्याशित मोड़ ले लिया जब सिडनी की सड़कों पर इजरायली राष्ट्रपति का स्वागत करने के बजाय, वहां के स्थानीय यहूदी समुदायों और शांति कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि आमतौर पर यहूदी समुदाय इजरायली नेतृत्व का समर्थन करता रहा है, लेकिन गाजा युद्ध और इजरायल की वर्तमान नीतियों को लेकर अब यह समुदाय दो फाड़ नजर आ रहा है।
विरोध की मुख्य वजह: क्यों अपनों ने ही उठाए सवाल?
इजरायली राष्ट्रपति के सिडनी पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने ‘नॉट इन अवर नेम’ (हमारे नाम पर नहीं) के नारे लगाए। विरोध के पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:
- गाजा में मानवीय संकट: प्रदर्शनकारी यहूदियों का तर्क है कि इजरायल सरकार की नीतियां वैश्विक स्तर पर यहूदी धर्म की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं। वे गाजा में तत्काल युद्धविराम की मांग कर रहे हैं।
- लोकतंत्र और संवैधानिक संकट: ऑस्ट्रेलिया में रह रहे कई इजरायली मूल के नागरिक भी हर्जोग की यात्रा का विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि इजरायल के भीतर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है।
- बांडी बीच हमले का संदर्भ: स्थानीय लोगों का एक वर्ग यह भी महसूस कर रहा है कि इस संवेदनशील समय में राजनीतिक यात्राओं के बजाय शांति और सद्भाव पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
बांडी बीच हमला और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति हर्जोग की यह यात्रा बांडी बीच पर हुई उस दुखद घटना के साये में हो रही है जिसने पूरे ऑस्ट्रेलिया को झकझोर कर रख दिया था:
- सुरक्षा घेरा: सिडनी में राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए ‘लेवल-1’ की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। शहर के कई हिस्सों को ‘नो-गो ज़ोन’ घोषित कर दिया गया है।
- बांडी बीच का दौरा: राष्ट्रपति हर्जोग ने बांडी बीच जाकर हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने और स्थानीय समुदाय के साथ एकजुटता प्रकट करने का कार्यक्रम रखा है।
- द्विपक्षीय वार्ता: विरोध के बावजूद, हर्जोग ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री और अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे, जिसमें रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा होगी।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार का रुख
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने राष्ट्रपति हर्जोग की यात्रा का बचाव करते हुए कहा है कि इजरायल और ऑस्ट्रेलिया के संबंध ऐतिहासिक हैं और यह यात्रा आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई का प्रतीक है। हालांकि, सरकार ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वालों के लोकतांत्रिक अधिकार का भी सम्मान करने की बात कही है।




