बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बैंक खाते 17 साल बाद खोले जाएंगे। कर अधिकारियों ने सोमवार को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) अध्यक्ष के बैंक खातों को खोलने का फैसला लिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (एनबीआर) ने बैंकों को जिया के खातों को अनफ्रीज करने का निर्देश दिया है। एनबीआर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यह निर्णय तत्कालीन सेना समर्थित कार्यवाहक सरकार के दौरान गठित एक पैनल की सिफारिश पर आधारित है। बता दें कि खालिदा जिया 1990 के बाद से दो बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रह चुकी हैं। उनका कार्यकाल मार्च 1991 से मार्च 1996 तक और फिर जून 2001 से अक्तूबर 2006 तक रहा। खालिदा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रतिद्वंदी हैं। अगस्त 2007 में, एनबीआर के सेंट्रल इंटेलिजेंस सेल ने बैंकों को बीएनपी चेयरपर्सन खालिदा के खातों को फ्रीज करने का निर्देश दिया था। तब से उनके खाते बंद हैं। बीएनपी ने कई मौकों पर खालिदा के बैंक खातों को खोलने की मांग की थी, लेकिन हसीना के पीएम रहते ये संभव नहीं हो पाया। हाल ही में बांग्लादेश में हुई हिंसा के दौरान शेख हसीना पांच अगस्त को बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गईं। हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश आवामी लीग का 15 साल का शासन समाप्त हो गया। वहीं, नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने आठ अगस्त को शपथ ली। अंतरिम सरकार के सत्ता में आते ही 79 वर्षीय खालिदा जिया को जेल से रिहा कर दिया गया था। साथ ही उनके बंद पड़े बैंक खातों को खोलने का निर्देश दिया गया।
एनबीआर के एक अधिकारी ने कहा, उन्हें रविवार को खालिदा के वकील से खातों पर लगी रोक हटाने की मांग करते हुए एक आवेदन मिला। ‘चूंकि उनके संबंध में कोई कर संबंधी जांच लंबित नहीं है, इसलिए हमने बैंकों को उनके सभी खाते अनलॉक करने की सलाह दी है। हमने उनसे तत्काल कार्रवाई करने और एक अनुपालन रिपोर्ट प्रदान करने के लिए कहा है।’




