Friday, February 13, 2026

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बलूचिस्तान में बम विस्फोट, नौ की मौत

पाकिस्तान की प्रमुख खबरों पर नजर दें तो एक तरफ कोयला खनिकों को ले जा रहे वाहन के बम के चपेट में आने से नौ लोगों की मौत हो गई, वहीं सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। तो दूसरी ओर पोलियो वायरस जैसी घातक बीमारी से जुझ रहे पाकिस्तान में इस वायरस के दूसरे मामले की पुष्टि हुई है। ये दूसरा मामला बुधवार को सामने आया है। खबर है कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में शुक्रवार को एक भीषण बम विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, यह विस्फोट बलूचिस्तान के हरनाई जिले के शाहराग इलाके में हुआ, जब कोयला खनिकों को ले जा रहा एक मिनी ट्रक सड़क किनारे बम की चपेट में आ गया। विस्फोट के कारण मौके पर ही नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि घायल खनिकों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।मामले में हरनाई के डिप्टी कमिश्नर हजरत वली काकर ने बताया कि यह विस्फोट एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (एलईडी) के कारण हुआ, जिसे सड़क किनारे रखा गया था। पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है और अपराधियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया गया है।बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रैंड ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि जांच जारी है। अभी तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन अतीत में ऐसी घटनाओं के लिए प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है।

पाकिस्तान इन दिनों पोलियो वायरस जैसे बड़ें संघर्ष से जुझ रहा है। इसी बीच पाकिस्तान में इस वायरस के दूसरे मामले की पुष्टि होने के बाद देश में डर का महौल है। मामले में इस्लामाबाद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान की क्षेत्रीय संदर्भ प्रयोगशाला ने पुष्टि की है कि सिंध के बादिन जिले में जंगली पोलियो वायरस टाइप 1 (WPV1) का नया संक्रमण पाया गया है। इससे पहले इस साल का पहला मामला दक्षिण खैबर-पख्तूनख्वा (केपी) के डेरा इस्माइल खान जिले से रिपोर्ट हुआ था। बता दें कि 2024 में पाकिस्तान में पोलियो के कुल 74 मामले सामने आए हैं, जिनमें 27 बलूचिस्तान, 22 केपी, 23 सिंध, और पंजाब और इस्लामाबाद से एक-एक मामला शामिल है।

यह नया मामला 2025 के पहले पोलियो अभियान के बाद सामने आया है, जो 3 से 9 फरवरी तक चलाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान ने 99 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया और 45 मिलियन से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया गया।
गौरतलब है कि पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान ही ऐसे देश हैं जहां अभी भी पोलियो फैल रहा है। पोलियो को खत्म करने में विफलता का एक कारण कुछ इस्लामिक समूहों का विरोध है, जो पोलियो रोधी टीके को मुसलमानों की नसबंदी करने की साजिश मानते हैं।

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