चंपावत। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। राज्य गठन के करीब 26 वर्ष बाद पहली बार चंपावत जिले में कैबिनेट की बैठक होने जा रही है। बैठक को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सरकार से इस बैठक में युवाओं, महिलाओं, किसानों और पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर फैसले लिए जाने की उम्मीद है। <Cite refs={[“turn772575search1″,”turn772575search3”]}/>
रोजगार और महिला कल्याण पर रह सकता है फोकस
चुनावी वर्ष को देखते हुए धामी सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और कौशल विकास योजनाओं को मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों पर विचार कर सकती है। इसके अलावा महिलाओं के कल्याण और किसानों से संबंधित योजनाओं पर भी चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, बैठक में लिए जाने वाले अंतिम फैसलों की आधिकारिक पुष्टि कैबिनेट की कार्यवाही के बाद ही होगी।
पर्यटन परियोजनाओं को मिल सकती है गति
बैठक के दौरान शारदा कॉरिडोर, मां पूर्णागिरि रोपवे और बाढ़ सुरक्षा कार्यों से जुड़े विषयों पर भी ध्यान दिए जाने की संभावना है। इन परियोजनाओं को क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित बनबसा और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। <Cite refs={[“turn772575search1″,”turn772575search3”]}/>
पहाड़ी संस्कृति और पारंपरिक व्यंजनों से होगा स्वागत
कैबिनेट बैठक में शामिल होने वाले मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए स्थानीय संस्कृति की झलक पेश करने की तैयारी की गई है। उनके स्वागत में पहाड़ी टोपी, मां वाराही का प्रसाद और पूर्णागिरि मैया का पटका देने की व्यवस्था प्रस्तावित है। भोजन में भट्ट की चुरकानी, गहत की दाल, मड़वे की रोटी और झंगोरे की खीर जैसे पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन शामिल किए गए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार, बैठक के लिए विभिन्न सरकारी अतिथि गृहों में करीब 50 कमरे आरक्षित किए गए हैं। बैठक के बाद मंत्रियों और अधिकारियों का शारदा कॉरिडोर, पूर्णागिरि रोपवे तथा बाढ़ सुरक्षा कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी प्रस्तावित है। <Cite refs={[“turn772575search1”]}/>
बनबसा में होने वाली इस बैठक से चंपावत जिले के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें कैबिनेट के आधिकारिक फैसलों पर टिकी हैं।





