नई दिल्ली/देहरादून: केंद्रीय बजट 2026 में उत्तराखंड के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं, जिससे राज्य के पर्यटन और महिला सशक्तिकरण को नई ऊर्जा मिलेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में उत्तराखंड को ‘माउंटेन ट्रेल’ की सौगात दी है, जो राज्य में एडवेंचर टूरिज्म के एक नए युग की शुरुआत करेगा।
प्रमुख बिंदु: माउंटेन ट्रेल और पर्यटन
- इको-फ्रेंडली माउंटेन ट्रेल्स: सरकार उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में पर्यावरण के अनुकूल (Ecologically Sustainable) ‘माउंटेन ट्रेल्स’ विकसित करेगी।
- बाइकिंग और ट्रेकिंग को बढ़ावा: इन ट्रेल्स के बनने से उत्तराखंड में बाइकिंग, हाइकिंग और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- स्थानीय रोजगार: पर्यटन के इस विस्तार से लगभग 10,000 नए टूरिस्ट गाइड तैयार किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के बड़े अवसर मिलेंगे।
- नया पर्यटन हब: अल्मोड़ा, चंपावत, पिथौरागढ़ और नैनीताल जैसे जिलों में नए ट्रेकिंग रूट विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
महिलाओं के लिए अच्छी खबर
बजट में महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं:
- हर जिले में महिला अस्पताल: उत्तराखंड के प्रत्येक जिले में एक समर्पित महिला अस्पताल खोला जाएगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
- महिला छात्रावास (Hostels): कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के लिए राज्य के हर जिले में महिला छात्रावास बनाने का प्रावधान किया गया है।
- लखपति दीदी योजना: राज्य में ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत पहले ही 1.68 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं, और अब नए बजट प्रावधानों से स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को और मजबूती मिलेगी।
- सुरक्षा और अधिकार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता (UCC) के सफल क्रियान्वयन के एक वर्ष बाद अब महिलाओं को पैतृक संपत्ति और सामाजिक सुरक्षा में समान अधिकार मिल रहे हैं।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
“यह बजट उत्तराखंड की ग्रामीण और पहाड़ी अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। माउंटेन ट्रेल से न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि इससे इको-टूरिज्म के क्षेत्र में भारत की वैश्विक पहचान बनेगी।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
इस बजट के जरिए उत्तराखंड को एक ग्लोबल एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की तैयारी है, जबकि स्वास्थ्य और शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार कर महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का लक्ष्य रखा गया है।





