देहरादून। उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में बंजी जंपिंग गतिविधियों के लिए नए दिशा-निर्देश जल्द ही लागू किए जाएंगे। इन नियमों के तहत सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जा रहा है, साथ ही प्रतिभागियों की फिटनेस पर विशेष जोर दिया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार, 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को बंजी जंपिंग करने से पहले चिकित्सकीय फिटनेस सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। अधिकारियों का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए यह कदम आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके।
प्रस्तावित नियमों में ऑपरेटरों के लिए भी कई सख्त प्रावधान शामिल किए जा रहे हैं। सभी बंजी जंपिंग स्थलों पर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन अनिवार्य होगा। उपकरणों की नियमित जांच, प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती और सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना आवश्यक होगा। इसके अलावा, प्रतिभागियों को गतिविधि से पहले विस्तृत सुरक्षा ब्रीफिंग देना भी जरूरी किया जाएगा।
पर्यटन विभाग के अनुसार, इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य राज्य में तेजी से बढ़ रहे एडवेंचर टूरिज्म को सुरक्षित बनाना और पर्यटकों का भरोसा बनाए रखना है। ऋषिकेश जैसे प्रमुख एडवेंचर डेस्टिनेशन पर बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि नियमों के लागू होने के बाद बंजी जंपिंग गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ेगी और जोखिमों में कमी आएगी। साथ ही, पर्यटन क्षेत्र में उत्तराखंड की साख और मजबूत होगी।
अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि जल्द ही इन नए नियमों को अंतिम रूप देकर पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।





