Thursday, March 5, 2026

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बंगाल में प्रशासनिक टीम पर हिंसक हमला: SIR सुनवाई कैंप में उपद्रव, जान बचाकर भागे अधिकारी

कोलकाता/दक्षिण 24 परगना: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में एक प्रशासनिक शिविर के दौरान भारी हिंसा की खबर सामने आई है। यहाँ ‘बंदोबस्त जांच और रिकॉर्ड’ (SIR – Settlement Investigation & Record) की सुनवाई के लिए लगाए गए कैंप पर उग्र भीड़ ने अचानक हमला कर दिया। हमले के दौरान प्रदर्शनकारियों ने न केवल तोड़फोड़ की, बल्कि ड्यूटी पर तैनात सरकारी अधिकारियों के साथ मारपीट भी की। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि अधिकारियों को अपनी जान बचाने के लिए कैंप छोड़कर भागना पड़ा।

सुनवाई के दौरान भड़का गुस्सा

जानकारी के अनुसार, यह कैंप भूमि रिकॉर्ड और सीमा विवादों के निपटारे के लिए आयोजित किया गया था। सुनवाई की प्रक्रिया चल ही रही थी कि कुछ स्थानीय लोग रिकॉर्ड में विसंगतियों और प्रशासनिक देरी का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि भीड़ ने टेंट उखाड़ दिए और दफ्तर की फाइलों व लैपटॉप को नुकसान पहुँचाना शुरू कर दिया।

अधिकारियों को बनाया गया निशाना

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने अधिकारियों को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस बल की संख्या कम होने के कारण स्थिति अनियंत्रित हो गई। जान बचाने के लिए प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) और राजस्व विभाग की टीम को पास के एक पुलिस स्टेशन या सुरक्षित स्थान पर शरण लेनी पड़ी। इस हमले में कुछ कर्मचारियों को मामूली चोटें भी आई हैं।

पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा बल तैनात

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया और इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सरकारी काम में बाधा डालने और लोक सेवकों पर हमला करने के आरोप में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

विपक्ष ने साधा निशाना, प्रशासन ने दी चेतावनी

इस घटना को लेकर राज्य में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और सरकारी कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं हैं। वहीं, जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी काम में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो लोग भी इस हमले में शामिल थे, उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए सीआरपीसी (CrPC) की प्रासंगिक धाराएं लागू कर दी गई हैं और SIR की सुनवाई को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है।

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