कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों के लिए शुक्रवार से दो दिवसीय प्रबोधन (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम शुरू हो रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नए विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही, संसदीय परंपराओं, नियमों और विधायी प्रक्रियाओं की जानकारी देना है, ताकि वे सदन में अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
कार्यक्रम का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला राजारहाट स्थित न्यूटाउन के विधानसभा परिसर में करेंगे। दो दिनों तक आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण सत्र में विधानसभा की कार्यप्रणाली, प्रश्नकाल, शून्यकाल, विधेयकों की प्रक्रिया, समितियों की भूमिका तथा सदन में सदस्यों के अधिकार और दायित्वों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, प्रबोधन कार्यक्रम में सभी नवनिर्वाचित विधायकों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। प्रशिक्षण के दौरान संसदीय लोकतंत्र की परंपराओं, सदन में आचरण, प्रभावी बहस और जनहित के मुद्दों को उठाने के तरीकों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि पहली बार विधायक बने जनप्रतिनिधियों के लिए इस तरह का प्रशिक्षण विशेष रूप से उपयोगी होगा। इससे उन्हें विधायी प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने और अपने निर्वाचन क्षेत्रों के मुद्दों को सदन में प्रभावी तरीके से रखने में मदद मिलेगी। साथ ही अनुभवी संसदीय विशेषज्ञ विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं पर भी मार्गदर्शन देंगे।
विधानसभा सचिवालय का मानना है कि इस पहल से सदन की कार्यवाही अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनेगी तथा जनप्रतिनिधियों की संसदीय क्षमता में भी वृद्धि होगी। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे भविष्य में भी विधायी प्रक्रियाओं का संदर्भ ले सकें।





