दुबई/लंदन: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की संभावित नाकेबंदी ने दुनिया के सामने एक भयावह और कड़ा खतरा उजागर कर दिया है। यह खतरा है वैश्विक तेल आपूर्ति का कुछ गिने-चुने और रणनीतिक समुद्री रास्तों पर निर्भर होना, जो दुनिया के ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं। इन पाँच अहम जलडमरूमध्यों से हर दिन करीब 6 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरता है, जो यूरोप और एशिया की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद ज़रूरी है। यह खतरा 28 फरवरी के बाद और अधिक साफ दिखने लगा, जब अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच टकराव बढ़ा और ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक करने की धमकी दी।
होर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया का सबसे महत्त्वपूर्ण तेल मार्ग
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्त्वपूर्ण और रणनीतिक तेल परिवहन मार्ग है, जो पारस की खाड़ी को अरब सागर और हिंद महासागर से जोड़ता है। यह रास्ता सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है और दुनिया के 20-25 प्रतिशत समुद्री तेल की सप्लाई इसी से होती है। होर्मुज जलडमरूमध्य से हर दिन करीब 1.8 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरता है, जो सऊदी अरब, इराक, यूएई, कुवैत, और कतर जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों से आता है। इस रास्ते की नाकेबंदी से वैश्विक तेल आपूर्ति में भारी कमी आएगी, जिससे तेल की कीमतों में भारी उछाल और आर्थिक संकट पैदा हो सकता है।
फाइव स्ट्रेट्स का खतरा: वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल
होर्मुज संकट ने फाइव स्ट्रेट्स के खतरे को भी उजागर कर दिया है, जो वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती है। इन पाँच अहम जलडमरूमध्यों में होर्मुज, मलक्का (Strait of Malacca), बाब अल-मंडेब (Bab al-Mandab), स्वेज नहर (Suez Canal), और बोस्फोरस (Bosphorus) शामिल हैं। इन रास्तों से हर दिन करीब 6 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरता है, जो दुनिया के तेल आयात का एक बड़ा हिस्सा है। इन रास्तों की सुरक्षा और स्थिरता वैश्विक ऊर्जा बाज़ार और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, और इनमें से किसी भी रास्ते में रुकावट से वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है।
मिडिल ईस्ट में तनाव: वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक बड़ी चुनौती
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संघर्ष वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक बड़ी चुनौती है, जो क्षेत्र में तेल उत्पादन और परिवहन को प्रभावित कर रहा है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे तेल की कीमतों में भारी उछाल और आर्थिक संकट पैदा होने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से संयम बरतने व हिंसा को तुरंत रोकने की अपील की है। आने वाले दिनों में भी, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संघर्ष वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी, जिससे देश भर की नज़रें इस स्थिति पर टिकी रहेंगी।





