Saturday, February 14, 2026

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प्रदेश में आयुर्वेद और अनुसंधान को बढ़ावा, हर जिले में बनेगा आदर्श आयुष गांव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में आयुर्वेद को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक जिले में एक आदर्श आयुष गांव विकसित किया जाएगा। साथ ही 50 नए योग और वेलनेस केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री सोमवार को ओल्ड राजपुर स्थित एक होटल में 10वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो की उपलब्धियों पर आधारित दस्तावेज, आयुष विभाग की कॉफी टेबल बुक और विज्ञान भारती के विज्ञान विद्यार्थी मंथन प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन कर रहे थे।

सीएम ने कहा कि विश्व आयुर्वेद कांग्रेस और एक्सपो ने न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में यह संदेश दिया है कि आयुर्वेद से उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है। यह आयोजन आने वाले समय में अनुसंधान, नीति-निर्माण और जनस्वास्थ्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

उन्होंने विज्ञान विद्यार्थी मंथन की सराहना करते हुए कहा कि यह युवाओं में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, अनुसंधान की प्रवृत्ति और नवाचार की क्षमता को विकसित करने की सशक्त पहल है, जो उन्हें जिज्ञासु, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाएगी।

सीएम ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित हो रहे हैं, जबकि ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से 70 से अधिक विशेषज्ञ आयुष परामर्श दे रहे हैं। प्रत्येक जिले में 50 बेड और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। आयुष नीति लागू कर औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध और औषधीय पौधों के उत्पादन को बढ़ावा दिया गया है। आने वाले वर्षों में आयुष टेली-कंसल्टेशन भी शुरू होगा।

कार्यक्रम की शुरुआत धराली आपदा में मृतकों के प्रति दो मिनट का मौन रखकर की गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, आरएसएस के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र, सचिव आयुष दीपेंद्र चौधरी, निदेशक आयुर्वेद विजय जोगदंडे, प्रो. अनूप ठक्कर, डॉ. वी.के. अशोक, प्रो. के.डी. पुरोहित समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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