राज्य में स्वास्थ्य विभाग ने प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री रोकने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। केंद्र सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी लागू करते हुए शुक्रवार को प्रदेशभर में मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की गई। इस दौरान औषधि नियंत्रक विभाग की टीमों ने फार्मेसियों की गहन जांच की और संदिग्ध दवाओं के सैंपल जब्त किए।
सूत्रों के मुताबिक, कई स्थानों पर टीमों को प्रतिबंधित कफ सीरप और अन्य नशीली दवाइयां भी मिलीं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन सीरपों का गलत इस्तेमाल नशे के तौर पर बढ़ रहा है, जिससे युवाओं का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। केंद्र सरकार ने राज्यों को एडवाइजरी जारी कर साफ निर्देश दिए थे कि ऐसे सीरप और अन्य निषिद्ध दवाओं की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
औषधि नियंत्रक अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान नियम विरुद्ध पाए जाने वाले मेडिकल स्टोरों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने से लेकर कानूनी कार्रवाई तक की जाएगी। राज्यभर में एक साथ चली इस मुहिम से दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे चिकित्सक की सलाह के बिना कोई भी कफ सीरप या अन्य दवा न खरीदें। विभाग का कहना है कि इस तरह की प्रतिबंधित दवाओं का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।




