देहरादून: उत्तराखंड अब खेलों की दुनिया में अपनी नई पहचान बनाने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में ‘पैरा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी’ की स्थापना के लिए हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना (Detailed Action Plan) जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह विश्वविद्यालय विशेष रूप से दिव्यांग खिलाड़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा, जहाँ उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण, अत्याधुनिक खेल उपकरण और आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री का विजन है कि देवभूमि के पैरा-खिलाड़ी न केवल राष्ट्रीय बल्कि पैरालंपिक जैसे वैश्विक मंचों पर भी देश का तिरंगा फहराएं।
विश्वविद्यालय की प्रमुख विशेषताएं और सुविधाएं
यह संस्थान केवल एक शिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि दिव्यांग एथलीटों के लिए एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ होगा:
- स्पेशलाइज्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर: विश्वविद्यालय के मैदान, ट्रैक और हॉस्टल को पूरी तरह से ‘बाधा मुक्त’ (Accessible) और अंतरराष्ट्रीय पैरा-स्पोर्ट्स मानकों के अनुसार डिजाइन किया जाएगा।
- वैज्ञानिक प्रशिक्षण: यहाँ खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स मेडिसिन, फिजियोथेरेपी और विशेष पोषण विशेषज्ञों की सेवाएं मिलेंगी, जो उनकी शारीरिक क्षमताओं को बेहतर बनाने में मदद करेंगी।
- विभिन्न खेलों का हब: यहाँ पैरा-एथलेटिक्स, पैरा-बैडमिंटन, पैरा-शूटिंग और पैरा-स्विमिंग जैसे एक दर्जन से अधिक खेलों के लिए डेडिकेटेड कोर्ट और अकादमियां होंगी।
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश: “समय सीमा में हो काम”
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए:
- भूमि चयन की प्रक्रिया: खेल विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि विश्वविद्यालय के लिए उपयुक्त और सुगम भूमि का चयन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
- विशेषज्ञों की राय: कार्ययोजना तैयार करते समय देश के नामचीन पैरा-खिलाड़ियों और कोचों से सुझाव लेने को कहा गया है ताकि उनकी जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जा सके।
- बजट का प्रावधान: मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना के लिए बजट की कोई कमी न रहे और इसके लिए केंद्र सरकार से भी समन्वय स्थापित किया जाए।
उत्तराखंड के लिए क्यों है यह गर्व का विषय?
वर्तमान में देश में बहुत कम ऐसे संस्थान हैं जो पूरी तरह से पैरा-खिलाड़ियों को समर्पित हैं। उत्तराखंड में इसकी स्थापना से कई लाभ होंगे:
- स्थानीय प्रतिभाओं का निखार: उत्तराखंड के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में छिपी दिव्यांग प्रतिभाओं को अपनी क्षमता साबित करने के लिए अब बाहर नहीं भटकना पड़ेगा।
- खेल पर्यटन (Sports Tourism): इस तरह की विशिष्ट यूनिवर्सिटी बनने से उत्तराखंड देश भर के एथलीटों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
- समान अवसर: यह कदम समाज में समानता के संदेश को और मजबूत करेगा और दिव्यांगों के प्रति नजरिया बदलने में मददगार साबित होगा।
निष्कर्ष: ‘खेल प्रदेश’ की ओर बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दी गई यह सौगात उत्तराखंड को एक ‘खेल प्रदेश’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की तैयारी के बीच पैरा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का ऐलान राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को एक नई ऊर्जा देगा। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी कैबिनेट बैठक में इसकी विधिवत घोषणा और प्रारंभिक बजट को मंजूरी दी जा सकती है।





