श्रमिक संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित हुआ विरोध प्रदर्शन
रुद्रपुर। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत श्रमिक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सशगांधी पार्क में सामूहिक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान केंद्र सरकार का पुतला दहन भी दहन किया।
नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या के कारण असमय मौत का शिकार हुए 21 छात्रों की याद में मौन धारण करते हुए शोक ब्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी। पुतला दहन से पहले आयोजित सभा वक्ताओं ने कहा कि पेपर लीक के कारण जिन छात्रों ने अपनी जान गवाई है, वह आत्महत्या नहीं है, बल्कि सिस्टम की विफलता और लापरवाही से की गईं हत्या है। देश में एक बाद एक लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और शिक्षा मंत्री हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं।
छात्र अवसाद में जा रहे हैं।आत्महत्याएं कर रहे हैं। हजारों लाखों छात्र इसके विरोध में सड़कों पर उतर रहे हैं। किन्तु सिस्टम सोया हुआ है। वक्ताओं ने पेपर लीक पर रोक लगाने,परीक्षा ब्यवस्था व शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने इसके लिए जिम्मेदार केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए दिल्ली मेंं हजारों की संख्या में छात्र लोकतान्त्रिक तरीके से संसद मार्च कर रहें थे। छात्रों पर लाठीचार्ज कर भाजपा व आरएसएस के रामराज्य ने गोरे अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया है।
दिल्ली पुलिस और अर्ध सैनिक बलों ने छात्रों के सिरों पर हमला कर उन्हें लहूलुहान किया। बच्चियों के कपड़े फाड़कर देश का सिर शर्म से झुका दिया। देश की करोड़ों करोड़ जनता आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ खड़ी हैं। वक्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यहां पर श्रमिक संयुक्त मोर्चा जिलाध्यक्ष दिनेश तिवारी, सीएसटीयू के महासचिव मुकुल,कैलाश भट्ट, धीरज जोशी, हरीश मौर्य,ठाकुर सिंह,चंद्र मोहन लखेड़ा, दलजीत सिंह, विजय कुमार, लोकेश पाठक, यशवीर राणा, गुणवंत सिंह आदि मौजूद थे।





