नई दिल्ली/इंफाल।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितंबर को मणिपुर का दौरा कर सकते हैं। राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद यह उनका पहला दौरा होगा, जिस पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है।
मई 2023 में मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच टकराव के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। इस हिंसा में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों परिवार विस्थापित हो चुके हैं। राज्य के कई हिस्सों में हालात सामान्य करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है।
प्रधानमंत्री का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, मोदी इंफाल में विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सकते हैं। साथ ही राहत और पुनर्वास कार्यों का जायजा भी ले सकते हैं। केंद्र सरकार पहले ही राज्य को हिंसा से उबारने के लिए सुरक्षा बलों और आर्थिक मदद मुहैया करा चुकी है, लेकिन प्रभावित समुदाय लगातार प्रधानमंत्री के दौरे की मांग कर रहे थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस यात्रा से एक तरफ जहां प्रभावित लोगों का मनोबल बढ़ेगा, वहीं केंद्र सरकार का राज्य की स्थिति को लेकर गंभीर रुख भी सामने आएगा। विपक्षी दल लंबे समय से इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी और अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठा रहे थे।
प्रधानमंत्री मोदी का मणिपुर दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह आने वाले विधानसभा चुनावों और पूर्वोत्तर की राजनीति पर गहरा असर डाल सकता है।





