पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध पाताल भुवनेश्वर गुफा को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दो महीने तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। गुफा में बरसात के दौरान सुरक्षा संबंधी समस्याओं को देखते हुए 11 अगस्त से अगले दो माह तक यहां प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
गंगोलीहाट क्षेत्र में स्थित इस प्राचीन गुफा में हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। मंदिर समिति के अनुसार, बारिश के मौसम में गुफा के अंदर नमी बढ़ जाती है, जिससे फिसलन की समस्या पैदा होती है। इसके अलावा ऑक्सीजन स्तर में कमी और पानी के रिसाव के कारण पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
पाताल भुवनेश्वर गुफा धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह चूना पत्थर से बनी प्राकृतिक गुफा है, जो गंगोलीहाट से करीब 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गुफा के अंदर प्राकृतिक संरचनाएं और धार्मिक मान्यताओं से जुड़े स्वरूप पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि बरसात के समय गुफा के भीतर अत्यधिक नमी के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। गुफा में रास्ते संकरे और फिसलन भरे होने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में दो महीने तक गुफा बंद रखने का फैसला यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।
गुफा के बंद रहने से यहां काम करने वाले स्थानीय गाइड और अन्य लोगों पर भी असर पड़ेगा। मंदिर समिति के अनुसार, गुफा में पर्यटकों को मार्गदर्शन देने वाले कई स्थानीय युवा इस अवधि में प्रभावित होंगे। हालांकि, उनका कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से यह कदम आवश्यक है।
पाताल भुवनेश्वर गुफा में इस वर्ष पर्यटन सीजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। मंदिर समिति ने समय-समय पर गुफा में सुरक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग भी उठाई है। बंदी अवधि के दौरान गुफा की व्यवस्थाओं और सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।
दो महीने की अवधि पूरी होने के बाद मौसम और परिस्थितियों का आकलन कर गुफा को दोबारा श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा।





