इस्लामाबाद: आर्थिक बदहाली से जूझ रहे पाकिस्तान में अब एक नया कूटनीतिक और व्यापारिक विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में अपने निर्वाचन क्षेत्र सियालकोट में बड़े तामझाम के साथ एक पिज्जा आउटलेट का उद्घाटन किया, जिसे मशहूर अंतरराष्ट्रीय चैन ‘पिज्जा हट’ (Pizza Hut) बताया गया था। हालांकि, उद्घाटन के कुछ ही घंटों बाद यह खुलासा हुआ कि यह आउटलेट पूरी तरह से फर्जी था और इसका मूल अंतरराष्ट्रीय ब्रांड से कोई लेना-देना नहीं था। जैसे ही इस ‘नकली’ आउटलेट की तस्वीरें वायरल हुईं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की फजीहत शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि जिस देश का रक्षा मंत्री एक ब्रांड की असलियत नहीं पहचान सकता, वह देश की सीमाओं की रक्षा कैसे करेगा।
कैसे खुली पोल: ब्रांड के लोगो और नाम में था झोल
उद्घाटन की तस्वीरों ने ही इस धोखाधड़ी की पोल खोल दी:
- नकली ब्रांडिंग: आउटलेट पर ‘पिज्जा हट’ का लोगो और रंग बिल्कुल असली ब्रांड जैसा रखने की कोशिश की गई थी, लेकिन बारीकी से देखने पर कानूनी तौर पर यह पूरी तरह अवैध पाया गया।
- पिज्जा हट की सफाई: सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में ‘पिज्जा हट’ के आधिकारिक फ्रैंचाइजी संचालकों ने स्पष्ट किया है कि सियालकोट में उनके द्वारा किसी नए आउटलेट का उद्घाटन नहीं किया गया है।
- रक्षा मंत्री की लापरवाही: बिना किसी आधिकारिक जांच या प्रोटोकॉल के एक कैबिनेट मंत्री का ऐसे फर्जी कार्यक्रम में जाना सुरक्षा और प्रशासनिक विफलता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
विपक्ष और जनता के निशाने पर सरकार
इस घटना ने पाकिस्तान की वर्तमान सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है:
- सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़: ट्विटर (अब X) पर पाकिस्तानी और अंतरराष्ट्रीय यूजर्स ने इस घटना का जमकर मजाक उड़ाया। कुछ ने इसे “पाकिस्तानी जुगाड़” कहा तो कुछ ने इसे सरकार की “बौद्धिक दिवालियापन” करार दिया।
- विपक्ष का हमला: इमरान खान की पार्टी पीटीआई (PTI) के नेताओं ने इसे देश के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा कि रक्षा मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की छवि एक ऐसे देश की बना दी है जहाँ सब कुछ ‘फेक’ है।
- कानूनी कार्रवाई की मांग: अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की कॉपीराइट चोरी (Copyright Infringement) के मामले में अब असली कंपनी द्वारा कानूनी कार्रवाई किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।
पाकिस्तान में ‘नकली ब्रांड्स’ का बढ़ता चलन
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान में ऐसा हुआ है। आर्थिक प्रतिबंधों और डॉलर की कमी के चलते वहां कई फर्जी ब्रांड्स फल-फूल रहे हैं:
- कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन: पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय ट्रेडमार्क कानूनों का पालन बेहद लचर है, जिसके कारण एडिडास, केएफसी और स्टारबक्स जैसे ब्रांड्स के नाम पर दर्जनों फर्जी दुकानें चल रही हैं।
- निवेशकों पर असर: विशेषज्ञों का मानना है कि जब एक देश का रक्षा मंत्री ही नकली आउटलेट्स को बढ़ावा देगा, तो कोई भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनी उस देश में निवेश करने का जोखिम नहीं उठाएगी।
निष्कर्ष: कूटनीतिक किरकिरी का सबब
ख्वाजा आसिफ का यह ‘पिज्जा कांड’ केवल एक हास्यास्पद घटना नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान की शासन व्यवस्था में मौजूद गंभीर कमियों को उजागर करता है। एक तरफ पाकिस्तान वैश्विक मंच पर निवेश की भीख मांग रहा है, और दूसरी तरफ उसके वरिष्ठ मंत्री अनजाने में ही सही, ‘पायरेसी’ और ‘नकली व्यापार’ के प्रमोटर बनते दिख रहे हैं। इस घटना ने साबित कर दिया है कि पाकिस्तान में न केवल अर्थव्यवस्था, बल्कि प्रशासनिक सूझबूझ की भी भारी कमी है।





