कोलकाता/नई दिल्ली: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल के रेल यात्रियों को एक बड़ी सौगात देते हुए राज्य के 101 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास (Redevelopment) की घोषणा की है। ‘अमृत भारत स्टेशन’ योजना के तहत इन स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा। रेल मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बंगाल के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इन परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे। राजनैतिक गलियारों में इस घोषणा को आगामी चुनावों से पहले केंद्र सरकार के एक बड़े मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है। वैष्णव ने स्पष्ट किया कि इन स्टेशनों का स्वरूप केवल बदला नहीं जाएगा, बल्कि इन्हें ‘सिटी सेंटर’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ स्थानीय कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
कैसा होगा स्टेशनों का नया स्वरूप?
रेल मंत्री ने बताया कि कायाकल्प के बाद इन स्टेशनों पर यात्रियों को हवाई अड्डे जैसी सुविधाएं मिलेंगी:
- आधुनिक वेटिंग लाउंज: स्टेशनों पर यात्रियों के बैठने के लिए वातानुकूलित लाउंज, मुफ्त हाई-स्पीड वाई-फाई और कैफेटेरिया की सुविधा होगी।
- बेहतर कनेक्टिविटी: ‘छत प्लाजा’ (Roof Plaza) का निर्माण किया जाएगा ताकि यात्री आसानी से एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जा सकें और वहां खरीदारी व मनोरंजन का लाभ उठा सकें।
- दिव्यांग अनुकूल: सभी 101 स्टेशनों को दिव्यांगजनों के लिए पूरी तरह सुलभ बनाया जाएगा, जिसमें लिफ्ट, एस्केलेटर और विशेष रैंप की व्यवस्था होगी।
- स्थानीय विरासत: स्टेशनों के बाहरी स्वरूप (Façade) को बंगाल की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा।
चुनावी मौसम और निवेश की राजनीति
विपक्ष द्वारा इसे ‘चुनावी घोषणा’ बताए जाने पर रेल मंत्री ने आंकड़ों के साथ जवाब दिया:
- बजट में भारी बढ़ोतरी: अश्विनी वैष्णव ने दावा किया कि 2014 से पहले की तुलना में बंगाल के लिए रेल बजट आवंटन में कई गुना वृद्धि की गई है।
- रोजगार के अवसर: इन परियोजनाओं के निर्माण कार्य के दौरान राज्य के हजारों स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
- रुकी हुई परियोजनाओं को गति: रेल मंत्री ने राज्य सरकार से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि भूमि अधिग्रहण में तेजी आए, तो बंगाल में रेल नेटवर्क का विस्तार और भी तेजी से हो सकता है।
प्रमुख चयनित स्टेशनों की सूची (संभावित)
योजना के तहत उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल तक के स्टेशनों को शामिल किया गया है:
- कोलकाता के प्रमुख टर्मिनलों के अलावा सियालदह, वर्धमान, आसनसोल, सिलीगुड़ी, न्यू जलपाईगुड़ी और खड़गपुर जैसे बड़े जंक्शनों के साथ-साथ छोटे जिलों के स्टेशनों को भी इस सूची में प्राथमिकता दी गई है।
- योजना का लक्ष्य छोटे स्टेशनों पर भी ‘स्मार्ट’ सुविधाएं पहुंचाना है ताकि ग्रामीण और शहरी यात्रियों के बीच की खाई को कम किया जा सके।
निष्कर्ष: बंगाल के लिए विकास का नया अध्याय
रेल मंत्री की इस घोषणा ने राज्य में विकास बनाम राजनीति की बहस को नया मोड़ दे दिया है। जहां भाजपा इसे ‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण की दिशा में एक कदम बता रही है, वहीं राज्य की सत्ताधारी पार्टी इसे चुनावी लाभ लेने की कोशिश करार दे रही है। हालांकि, आम यात्रियों के लिए यह खबर राहत भरी है, क्योंकि दशकों पुराने स्टेशनों के आधुनिकीकरण से उनका सफर सुगम और सुखद होने वाला है।





