Top 5 This Week

Related Posts

पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी ने कतर के अमीर से की फोन पर बात; ऊर्जा केंद्रों पर हमलों की ‘कड़ी निंदा’ कर जताई एकजुटता

नई दिल्ली (20 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष और इसके चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में मचे हाहाकार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कूटनीतिक कमान संभाली है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर, शेख तमीम बिन हमद अल थानी से टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने कतर के प्रमुख ऊर्जा बुनियादी ढांचे (गैस हब) पर हुए हालिया मिसाइल हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की और स्पष्ट किया कि भारत इस संकट की घड़ी में कतर के साथ मजबूती से खड़ा है।

ऊर्जा केंद्रों पर हमला ‘वैश्विक खतरा’: पीएम मोदी का कड़ा रुख

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान हालिया हमलों को लेकर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की:

  • स्थिरता पर चोट: पीएम मोदी ने कहा कि क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना न केवल पश्चिम एशिया की स्थिरता के लिए खतरा है, बल्कि यह पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Global Energy Supply Chain) को बाधित करने की एक खतरनाक कोशिश है।
  • शांति की अपील: प्रधानमंत्री ने दोहराया कि हिंसा और हमले किसी भी विवाद का समाधान नहीं हो सकते। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और तत्काल बातचीत की मेज पर लौटने का आग्रह किया।
  • भारत की एकजुटता: पीएम मोदी ने कतर के अमीर को भरोसा दिलाया कि भारत संकट के इस समय में उनके साथ खड़ा है और क्षेत्र में शांति बहाली के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।

कतर का महत्व और भारत की चिंता

कतर पर हुआ हमला भारत के लिए सीधे तौर पर चिंता का विषय है:

  1. एलपीजी और एलएनजी आपूर्ति: भारत अपनी प्राकृतिक गैस (LNG) की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा कतर से आयात करता है। कतर के ‘रास लफान’ जैसे गैस हब पर हमले का सीधा असर भारतीय रसोई और उद्योगों पर पड़ सकता है।
  2. भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा: कतर में करीब 8 लाख से अधिक भारतीय निवास करते हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
  3. सामरिक साझेदारी: भारत और कतर के बीच गहरे रक्षा और आर्थिक संबंध हैं, जिसे देखते हुए पीएम मोदी का यह फोन कॉल अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वैश्विक कूटनीति में भारत की सक्रियता

पिछले 48 घंटों में प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस, मलयेशिया, ओमान और अब कतर के शीर्ष नेताओं से बात कर यह संदेश दिया है कि भारत इस वैश्विक संकट को टालने के लिए ‘विश्व मित्र’ की भूमिका निभा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए भारत एक निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में उभर रहा है।

Popular Articles