नई दिल्ली/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक विमानन क्षेत्र में खलबली मचा दी है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ईरान सरकार ने अपने एयरस्पेस को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा की है। इस फैसले का सीधा असर भारत से यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों पर पड़ा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत की प्रमुख विमानन कंपनियों, एयर इंडिया (Air India) और इंडिगो (IndiGo) ने तुरंत प्रभाव से ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर दी है। दोनों कंपनियों ने अपने विमानों के रूट बदल दिए हैं, जिससे न केवल उड़ान का समय बढ़ गया है, बल्कि हवाई किराए में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
क्यों बंद हुआ ईरान का एयरस्पेस?
ईरान और अमेरिका के बीच पिछले कुछ दिनों से जारी जुबानी जंग और सैन्य गतिविधियों के कारण हवाई क्षेत्र को असुरक्षित माना जा रहा है:
- मिसाइल हमले का खतरा: ईरान ने संभावित अमेरिकी हमले या जवाबी कार्रवाई के डर से अपने हवाई क्षेत्र को ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ में बदल दिया है।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल: अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के अनुसार, युद्ध की स्थिति या तनाव के दौरान नागरिक विमानों को ऐसी सीमाओं से दूर रखा जाता है ताकि किसी अनहोनी (जैसे विमान को मिसाइल से निशाना बनाना) से बचा जा सके।
भारतीय एयरलाइंस का बड़ा फैसला: रूट डायवर्जन
भारतीय विमानन कंपनियों ने अपने यात्रियों और क्रू मेंबर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- लंबे रास्तों का चयन: अब एयर इंडिया और इंडिगो की उड़ानें ईरान के ऊपर से जाने के बजाय अरब सागर या मध्य एशिया के वैकल्पिक लंबे रास्तों का उपयोग कर रही हैं।
- उड़ानों में देरी: वैकल्पिक रूट अपनाने के कारण दिल्ली और मुंबई से यूरोप जाने वाली उड़ानों के समय में 2 से 3 घंटे की अतिरिक्त वृद्धि हो गई है।
- ईंधन और लागत: लंबे रूट के कारण विमानों में अधिक ईंधन की खपत हो रही है, जिसका बोझ अंततः यात्रियों की जेब पर पड़ सकता है।
एयर इंडिया और इंडिगो की ट्रैवल एडवाइजरी
कंपनियों ने अपने यात्रियों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं:
- स्टेटस चेक करें: यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का लाइव स्टेटस जरूर चेक करें।
- रिफंड और री-शेड्यूलिंग: एयरलाइंस ने कहा है कि यदि इस तनाव के कारण उड़ानें रद्द होती हैं, तो यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट री-शेड्यूल करने या पूरा रिफंड लेने की सुविधा दी जाएगी।
- यात्रा से बचें: गैर-जरूरी यात्राओं के लिए फिलहाल ईरान और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर से गुजरने वाले रूटों को टालने का सुझाव दिया गया है।
ग्लोबल एविएशन पर असर
ईरान का एयरस्पेस बंद होने से केवल भारतीय ही नहीं, बल्कि ब्रिटिश एयरवेज, लुफ्थांसा और कतर एयरवेज जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भी अपने रूट बदलने पड़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव लंबा खींचता है, तो वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय हवाई टिकटों के दाम 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं।
निष्कर्ष: सुरक्षा सर्वोपरि
भारत सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। फिलहाल सभी पायलटों को ईरानी हवाई क्षेत्र से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।





