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पश्चिम एशिया महायुद्ध: ईरान ने डिएगो गार्सिया अमेरिकी बेस पर दागी बैलिस्टिक मिसाइल; बगदाद एयरपोर्ट दहला, संघर्ष 22वें दिन में प्रवेश

तेहरान/वाशिंगटन/बगदाद (21 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक पूर्ण विकसित महायुद्ध का रूप ले चुका है, जो दिन-ब-दिन और अधिक भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इजराइल के भीषण हवाई हमलों से दहक रहे मोर्चों पर, ईरान ने शनिवार को एक अत्यंत आक्रामक और अभूतपूर्व पलटवार किया है। ईरानी समाचार एजेंसियों के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हिंद महासागर में स्थित रणनीतिक अमेरिकी सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इसके साथ ही, इराक की राजधानी बगदाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास भी भीषण धमाकों की खबर है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। मिसाइलों और ड्रोन की गूंज के बीच यह विनाशकारी संघर्ष अब अपने 22वें दिन में प्रवेश कर चुका है।

ईरान का ऐतिहासिक पलटवार: डिएगो गार्सिया अमेरिकी बेस पर मिसाइल हमला

ईरान द्वारा डिएगो गार्सिया पर किया गया हमला इस युद्ध का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ माना जा रहा है:

  • सामरिक महत्व: डिएगो गार्सिया हिंद महासागर में अमेरिका का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गुप्त सैन्य बेस है, जिसका उपयोग वह एशिया और मिडिल ईस्ट में अपने ऑपरेशनों के लिए करता है।
  • लंबी दूरी की मिसाइलें: ईरान ने दावा किया है कि उसने इस हमले में अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग किया है, जो हजारों किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम हैं। यह हमला दर्शाता है कि ईरान की मिसाइल क्षमता अब खाड़ी देशों से बहुत आगे तक फैल चुकी है।
  • अमेरिकी प्रतिक्रिया: पेंटागन ने हमले की पुष्टि की है, लेकिन अभी तक नुकसान और हताहतों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। अमेरिका ने इसे “अत्यंत गंभीर उकसावा” बताया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

बगदाद हवाई अड्डे के पास धमाके: अमेरिकी ठिकानों पर निशाना?

डिएगो गार्सिया पर हमले के कुछ ही समय बाद, इराक की राजधानी बगदाद भी दहल उठी:

  1. बगदाद एयरपोर्ट: सूत्रों के अनुसार, बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के सैन्य हिस्से के पास कई भीषण धमाके सुने गए। इस इलाके में अमेरिकी सैनिक और राजनयिक तैनात हैं।
  2. रॉकेट या ड्रोन हमला: अंदेशा है कि यह हमला ईरान समर्थक इराकी मिलिशिया गुटों द्वारा रॉकेट या आत्मघाती ड्रोन के जरिए किया गया है। हमले के बाद हवाई अड्डे की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उड़ानें आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं।

युद्ध का 22वां दिन: इजराइल और खाड़ी देशों में तनाव चरम पर

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी यह महायुद्ध अब अपने तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, और शांति की कोई गुंजाइश नज़र नहीं आ रही है:

  • इजराइल पर हमले: ईरान ने इजराइल के विभिन्न शहरों पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। इजराइली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दावा किया है कि उनके ‘आयरन डोम’ और ‘एरो’ सिस्टम ने अधिकांश हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है, लेकिन कुछ मिसाइलें आबादी वाले इलाकों में गिरी हैं।
  • खाड़ी देशों की चिंता: खाड़ी देश (सऊदी अरब, यूएई, कतर) इस संघर्ष से बेहद चिंतित हैं, क्योंकि उनकी धरती पर भी अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं और वे ईरान के निशाने पर आ सकते हैं। ओपेक (OPEC) देशों ने तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है।

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