नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि उनके पास न तो देश के विकास के लिए कोई ‘विजन’ है और न ही बड़े फैसले लेने की ‘इच्छाशक्ति’ (Will Power)। पीएम मोदी ने इस दौरान हाल ही में हुई कुछ महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संधियों (Trade Deals) का जिक्र करते हुए इन्हें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज दुनिया भारत के साथ व्यापार करने के लिए आतुर है, जो हमारी मजबूत आर्थिक नीतियों का परिणाम है।
कांग्रेस पर तीखा प्रहार: ‘विजन के बिना विकास संभव नहीं’
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान कांग्रेस के शासनकाल और वर्तमान विपक्ष की भूमिका पर कई सवाल उठाए:
- नीतिगत पंगुता का आरोप: पीएम ने कहा कि कांग्रेस के समय नीतियां अटकती और भटकती रहती थीं, लेकिन आज की सरकार ‘गतिशक्ति’ के साथ काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल नारों तक सीमित रही, जबकि उनकी सरकार ने जमीन पर बदलाव किए हैं।
- इच्छाशक्ति की कमी: प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों तक देश की समस्याओं को उनके हाल पर छोड़ दिया गया क्योंकि तत्कालीन सत्ता में कड़े फैसले लेने की इच्छाशक्ति नहीं थी। उन्होंने अनुच्छेद 370 और अन्य फैसलों का उदाहरण देते हुए अपनी सरकार की ‘विल पावर’ को रेखांकित किया।
बड़ी ट्रेड डील की सराहना: ‘वैश्विक भरोसे का प्रतीक’
प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ की गई व्यापारिक संधियों को देश के युवाओं और उद्यमियों के लिए सुनहरा अवसर बताया:
- बाजारों तक आसान पहुंच: पीएम ने कहा कि इन ट्रेड डील्स से भारतीय उत्पादों के लिए दुनिया के बड़े बाजार खुल गए हैं। इससे ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक पहचान मिल रही है।
- आर्थिक सुरक्षा: उन्होंने बताया कि ये डील्स केवल व्यापारिक लेन-देन नहीं हैं, बल्कि ये भारत की स्थिर अर्थव्यवस्था और विश्वसनीय नेतृत्व पर दुनिया के भरोसे का प्रमाण हैं।
- रोजगार के नए अवसर: प्रधानमंत्री के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे इन समझौतों से सप्लाई चेन में भारत की भूमिका बढ़ेगी, जिससे लाखों नए रोजगार पैदा होंगे।
विपक्ष के हंगामे पर कटाक्ष
पूरे भाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों द्वारा की जा रही नारेबाजी और हंगामे पर भी पीएम मोदी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष विकास की चर्चा से भाग रहा है क्योंकि उनके पास सरकार की उपलब्धियों का कोई जवाब नहीं है। पीएम ने कहा कि शोर मचाने से सत्य नहीं छिपता और जनता सब देख रही है कि कौन देशहित में खड़ा है और कौन केवल राजनीति कर रहा है।
निष्कर्ष: विकसित भारत का रोडमैप
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि भारत अब पीछे मुड़कर देखने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य केवल एक सपना नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प है। उन्होंने विपक्ष से आह्वान किया कि वे विकास के कार्यों में बाधा डालने के बजाय स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनें।
“कांग्रेस ने दशकों तक देश को केवल भ्रम में रखा। उनके पास न विजन था और न ही देश को आगे ले जाने की इच्छाशक्ति। आज जब भारत विश्व पटल पर ट्रेड डील के जरिए अपनी धाक जमा रहा है, तो उन्हें परेशानी हो रही है।” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री





