न्यूयॉर्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अमेरिका दौरे के दौरान शुक्रवार को न्यूयॉर्क स्थित इस्कॉन मंदिर का दौरा किया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की और बेघर लोगों के लिए चलाए जा रहे भोजन वितरण अभियान में भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कृष्ण चेतना दुनिया में मौजूद संघर्षों और विभाजनों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
1 लाखवीं भोजन थाली का वितरण
भागवत की इस्कॉन यात्रा के दौरान ‘जीरो हंगर न्यूयॉर्क’ अभियान के तहत एक लाखवीं भोजन थाली के वितरण का कार्यक्रम भी हुआ। इस अभियान का उद्देश्य शहर में जरूरतमंद और बेघर लोगों तक भोजन पहुंचाना है। इस्कॉन की ओर से भागवत की यात्रा को आध्यात्मिकता, सेवा और सामाजिक बदलाव से जोड़कर देखा गया।
कृष्ण चेतना से एकता का संदेश
मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि आज दुनिया में कई तरह के संघर्ष और मतभेद हैं। उनके अनुसार, इन विविधताओं के बीच लोगों को जोड़ने वाली चेतना ही एकता का आधार बन सकती है। उन्होंने कहा कि यदि कृष्ण चेतना का भाव लोगों के हृदय तक पहुंचता है तो दुनिया को अधिक शांतिपूर्ण और बेहतर बनाया जा सकता है।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आज कार्यक्रम
भागवत का न्यूयॉर्क दौरा यहीं समाप्त नहीं होगा। वह 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम RSS के शताब्दी वर्ष से जुड़े आयोजनों के तहत हो रहा है और इसमें बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
हालांकि, कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध भी सामने आया है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कार्यक्रम को लेकर आपत्ति जताई है, जबकि आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन संवाद, आध्यात्मिकता और वैश्विक एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।





