Monday, February 16, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

न्याय की देवी की आंखों से पट्टी हटाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भड़के राउत

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बड़ा बदलाव किया है। भारतीय संविधान लागू होने के 75वें वर्ष में न्याय की प्रतीक देवी की आंखों पर बंधी पट्टी हट गई है। हाथ में तलवार की जगह भी अब संविधान ने ले ली है। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय के इस कदम पर अब राजनीति शुरू हो गई है। शिवसेना-उद्धव बालासाहेब के नेता संजय राउत ने कोर्ट के इस फैसले की आलोचना की है और भाजपा-संघ पर निशाना साधा है। शिवसेना के यूबीटी के सांसद संजय राउत ने न्याय की देवी की आंखों से पट्टी हटाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा, “न्यायालय का काम संविधान की रक्षा करना और संविधान के तहत ही न्याय करना है। लेकिन अभी सुप्रीम कोर्ट में क्या हो रहा है? आखिर वे न्याय की देवी के हाथों से तलवार हटाकर उसे संविधान से बदलने का फैसला कर साबित क्या करना चाहते हैं?” राउत ने आगे कहा, “वे पहले ही संविधान को मार रहे हैं और अब न्याय की देवी की आंखों पर बंधी पट्टी हटाकर वे सभी को खुले तौर पर भ्रष्टाचार और संविधान की हत्या दिखाना चाहते हैं। यह भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का प्रोपेगैंडा और अभियान है।”

Popular Articles