नई दिल्ली। विशाखापत्तनम स्थित भारतीय नौसेना के नेवल डॉकयार्ड से जुड़ी गोपनीय रक्षा जानकारी साझा करने के आरोप में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले के आरोपी कादरी श्रीनिवास को सऊदी अरब से लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद उसे विशाखापत्तनम ले जाया गया, जहां अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
आंध्र प्रदेश काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के समन्वय से यह कार्रवाई की। जांचकर्ताओं के अनुसार, श्रीनिवास के देश से बाहर होने की जानकारी मिलने के बाद उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था। वह 11 अक्टूबर को सऊदी अरब से भारत लौटा था।
फेसबुक के जरिए जासूसी का आरोप
जांच के अनुसार, श्रीनिवास और पोंगु रवि टीडी इंजीनियरिंग कंपनी के लिए विशाखापत्तनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में काम करते थे। आरोप है कि वर्ष 2023 में रवि की फेसबुक के माध्यम से एक महिला से पहचान हुई थी। महिला ने कथित तौर पर ‘एंजेल पायल’ नाम से सोशल मीडिया अकाउंट बनाया हुआ था और खुद को दुबई की एक शिपिंग कंपनी का कर्मचारी बताया था।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि महिला ने पैसों का लालच देकर रवि से नौसेना के डॉकयार्ड में मौजूद जहाजों और पनडुब्बियों से संबंधित संवेदनशील जानकारी हासिल की।
बैंक खातों के जरिए रकम भेजने का आरोप
जांचकर्ताओं के मुताबिक, रवि और श्रीनिवास ने कथित तौर पर मिलकर प्रतिबंधित रक्षा परिसर में मौजूद जहाजों और पनडुब्बियों की संख्या से संबंधित जानकारी साझा की। आरोप है कि महिला रवि के बैंक खाते में रकम भेजती थी और रवि उसमें से श्रीनिवास का हिस्सा उसे ट्रांसफर करता था।
इस मामले में रवि को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया है।
महिला की पहचान अब भी रहस्य
जांच एजेंसियां उस महिला की वास्तविक पहचान का पता लगाने में जुटी हैं, जिसने कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया था। अधिकारियों के अनुसार, मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है।
फिलहाल श्रीनिवास न्यायिक हिरासत में है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।





