काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल में जेन जी आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में पूर्व प्रधानमंत्री झालानाथ खनल की पत्नी रवि लक्ष्मी चित्रकार गंभीर रूप से झुलस गई थीं। कई दिनों तक नेपाल में इलाज के बावजूद उनकी स्थिति गंभीर बनी रही, जिसके बाद उन्हें भारत के अस्पताल में रेफर किया गया है।
हिंसा की घटना
9 सितंबर को काठमांडू के दल्लू क्षेत्र में भीड़ ने खनल के आवास पर हमला किया और घर को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान रवि लक्ष्मी चित्रकार 15 प्रतिशत शरीर पर गंभीर जलन के साथ झुलस गईं। खासकर उनका बांया हाथ पूरी तरह जला, जिससे हाथ की कार्यक्षमता प्रभावित होने का खतरा है।
इलाज और हालात
बर्न के कारण उनकी फेफड़ों पर धुएं का असर हुआ और सीने में संक्रमण की समस्या विकसित हुई। कीर्तिपुर स्थित अस्पताल में चिकित्सकीय देखरेख में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन चिकित्सकों की सिफारिश पर उन्हें नई दिल्ली रेफर किया गया, जहां उनका उपचार अब आगे बढ़ेगा। परिवार ने बताया कि उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और प्राथमिकता शरीर की जलन और संक्रमण से राहत दिलाने की है।
नेपाल में हिंसा का कारण
नेपाल में जेन जी आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया प्रतिबंध के विरोध में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए थे। इस हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन और कई सरकारी इमारतों को आग के हवाले किया। पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली का घर भी जला। इस हिंसा के दौरान कई लोगों को चोटें आईं और संपत्ति का व्यापक नुकसान हुआ।
नेपाल की वर्तमान स्थिति
हालांकि अब नेपाल में हालात अपेक्षाकृत सामान्य हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद सुशीला कार्की नई प्रधानमंत्री बनी हैं और प्रशासन ने हिंसा की घटनाओं के बाद कड़े सुरक्षा कदम उठाए हैं।
विशेष जानकारी
झालानाथ खनल 2011 में नेपाल के प्रधानमंत्री बने थे। उनकी पत्नी रवि लक्ष्मी की हालत अब भारत में बेहतर चिकित्सा देखरेख के तहत सुधार की उम्मीद के साथ रखी गई है।





