नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। करीब सात महीने बाद गठित इस टीम में अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी जगह दी गई है। संगठन में बदलाव को आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
नई टीम में 65 पदाधिकारियों को शामिल किया गया है, जिनमें 51 नए चेहरे बताए जा रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और राम माधव की संगठन में वापसी हुई है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पीयूष गोयल को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
चुनावी राज्यों पर विशेष नजर
नितिन नवीन की नई टीम में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर जोर दिखाई देता है। उत्तर प्रदेश को खास महत्व दिया गया है। 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए बड़ी चुनौती माने जा रहे हैं। पार्टी की कोशिश राष्ट्रीय संगठन को राज्यों की चुनावी जरूरतों के अनुरूप मजबूत करने की है।
नई टीम में अनुभवी चुनाव रणनीतिकारों को भी जिम्मेदारी दी गई है। विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महासचिव पद पर बरकरार रखा गया है। पार्टी में संगठन और चुनाव प्रबंधन का लंबा अनुभव रखने वाले नेताओं को बनाए रखने के साथ युवा चेहरों को भी आगे बढ़ाया गया है।
युवा और अनुभवी नेताओं का संतुलन
भाजपा ने संगठन में पीढ़ीगत संतुलन साधने की कोशिश की है। गुजरात के हेमंग जोशी को भारतीय जनता युवा मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं महिला, ओबीसी और अल्पसंख्यक मोर्चों में भी नए चेहरों को स्थान मिला है। इससे पार्टी की सामाजिक पहुंच बढ़ाने की रणनीति के संकेत मिलते हैं।
भाजपा की नई टीम को नितिन नवीन के नेतृत्व में संगठन को चुनावी मोड में लाने की कवायद माना जा रहा है। पार्टी की नजर 2027 के विधानसभा चुनावों के साथ 2029 के लोकसभा चुनाव पर भी है। ऐसे में नई टीम के सामने संगठन को मजबूत करने और विभिन्न राज्यों में पार्टी की चुनावी संभावनाओं को बेहतर बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।





