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नसीरुद्दीन शाह पर भाजपा का पलटवार, कहा- विरोध की आड़ में देश के खिलाफ चला रहे अभियान

नई दिल्ली। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एसआरएफटीआई), कोलकाता के प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने शाह के बयान पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह सत्तारूढ़ दल का विरोध करने की आड़ में देश के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कर्नाटक के हुबली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शाह की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग लगातार भारत में लोकतंत्र नहीं होने की बात करते हैं, जबकि देश में लोगों को अपनी बात रखने और सरकार की आलोचना करने की पूरी स्वतंत्रता है। उनके मुताबिक, यह भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों की मजबूती का प्रमाण है।

छात्रों के समर्थन से शुरू हुआ विवाद

नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में एक वीडियो संदेश जारी कर एसआरएफटीआई के प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया था। छात्र संस्थान परिसर में हुई हिंसक घटनाओं के बाद अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। वे संस्थान के प्रशासन से जवाबदेही तय करने और परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

शाह ने आरोप लगाया था कि भाजपा उन लोगों से बदला ले रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को नोटिस दिए गए, उन पर निगरानी रखी गई और उन्हें छात्रावास खाली करने के लिए कहा गया।

संजय निरुपम ने भी की आलोचना

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने भी अभिनेता की टिप्पणी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में लाखों लोग नसीरुद्दीन शाह के अभिनय की सराहना करते हैं, लेकिन उनके राजनीतिक विचारों से असहमति हो सकती है। निरुपम ने आरोप लगाया कि भाजपा के विरोध में शाह की टिप्पणियां देश की एकता और अखंडता से जुड़े सवाल खड़े करती हैं।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस तेज

एसआरएफटीआई में विवाद 27 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों और अन्य समूहों के सदस्यों के बीच हुई झड़प के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद परिसर में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए। छात्रों की मांगों और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार की आलोचना करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन असहमति और अराजकता के बीच अंतर समझना जरूरी है। वहीं, शाह ने छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखते हुए नागरिकों से उनकी मांगों का समर्थन करने की अपील की है।

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