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धामी सरकार के 5 साल पूरे: 4 जुलाई से उत्तराखंड में मनाया जाएगा ‘सेवा सप्ताह’, जनता तक पहुंचाई जाएंगी सरकार की बड़ी उपलब्धियां

देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के 5 वर्ष का सफल कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 4 जुलाई से पूरे प्रदेश में ‘सेवा सप्ताह’ का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष अभियान के तहत सरकार अपनी पांच साल की विकास योजनाओं, लोक-कल्याणकारी नीतियों और ऐतिहासिक उपलब्धियों को सीधे राज्य की जनता के बीच लेकर जाएगी। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस भव्य आयोजन को लेकर उत्तराखंड के सभी जिलाधिकारियों (DMs) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

‘सेवा, सुशासन और समर्पण’ के तहत दिवसवार रूपरेखा तय

सरकार के इस अभियान को ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ के मूलमंत्र के साथ जोड़ा गया है, जिसके तहत 7 दिनों तक चलने वाले इस सेवा सप्ताह के प्रत्येक दिन अलग-अलग क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा:

  • पहला दिन: रोजगार, स्वरोजगार और युवाओं के कौशल विकास से संबंधित कार्यक्रमों के नाम रहेगा।
  • दूसरा दिन: सरकार की नवीन पहलों, विशेष जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों और योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की समीक्षा होगी।
  • तीसरा दिन: राज्य में हुए बुनियादी ढांचे (अवस्थापना) के विकास और बड़े प्रोजेक्ट्स को जनता के सामने रखा जाएगा।
  • चौथा दिन: औद्योगिक विकास और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की प्रगति पर ध्यान दिया जाएगा।
  • पांचवां दिन: प्राथमिक क्षेत्र (कृषि, बागवानी और ग्रामीण विकास) से जुड़े विकास कार्यों की प्रदर्शनी लगेगी।
  • छठवां दिन: महिला सशक्तिकरण, युवाओं के उत्थान और भूतपूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों के कल्याण संबंधी कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
  • सातवां दिन: स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा की गई अभिनव पहलों को प्रदर्शित किया जाएगा।

जिले-जिले में लगेंगे जनसेवा शिविर, प्रभारी मंत्रियों को कमान

सेवा सप्ताह के दौरान उत्तराखंड के सभी जिलों में प्रभारी मंत्रियों और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा नामित विशेष प्रतिनिधियों की अध्यक्षता में व्यापक जनभागीदारी के साथ बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक जिले में आम जनता की सहूलियत के लिए जनसेवा और निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिविर लगाकर उन्हें सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे, जबकि महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अलग से विशेष कैंप आयोजित होंगे।

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