भराड़ीसैंण (चमोली): उत्तराखंड की धामी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में ‘नारी शक्ति’ को केंद्र में रखते हुए महिलाओं के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया है। राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इस साल के जेंडर बजट (Gender Budget) में उल्लेखनीय वृद्धि की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पेश किए गए इस बजट में महिलाओं के उत्थान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के लिए विशेष वित्तीय आवंटन किया गया है।
जेंडर बजट के आंकड़ों में बड़ी उछाल वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट में जेंडर बजट के आंकड़ों में पिछले साल के मुकाबले बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है:
- बजट में वृद्धि: पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में जेंडर बजट के लिए ₹16,961.32 करोड़ का प्रावधान किया गया था।
- नया आवंटन: इस बार सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹19,692.02 करोड़ करने का प्रावधान किया है।
- प्रमुख उद्देश्य: बजट में की गई इस लगभग ₹2,730 करोड़ की बढ़ोतरी का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सीधे लाभान्वित करना है।
बजट के मुख्य फोकस और प्राथमिकताएं सीएम धामी ने वित्त मंत्री के रूप में बजट पेश करते हुए स्पष्ट किया कि यह बजट महिला विकास से आगे बढ़कर ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ की अवधारणा पर आधारित है:
- आर्थिक स्वावलंबन: ग्रामीण महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय मदद की व्यवस्था की गई है।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: बेटियों की उच्च शिक्षा और महिलाओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
- सुरक्षा और कल्याण: महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं और उनके सामाजिक कल्याण के लिए जेंडर बजट के तहत विशेष फंड आवंटित किया गया है।





