धराली में आई आपदा के 12 दिन बाद भी गांव की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी सामान पहुँचाने में भारी मुश्किलें आ रही हैं। मुखबा-धराली को जोड़ने वाला पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर भागीरथी नदी के बीच से रस्सी के सहारे रसोई गैस सिलेंडर और अन्य सामग्री पहुंचा रहे हैं।
गांव में आपदा के बाद से हालात जस के तस हैं। ग्रामीण अभी भी सदमे में हैं और अपनी दिनचर्या मंदिर के आंगन और मलबे के पास बैठकर गुजार रहे हैं। आपदा का मंजर याद कर महिलाएं भावुक हो रही हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक खाद्य और राहत सामग्री लगातार पहुँचाई जा रही है।





