देहरादून। उत्तराखंड में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए रेरा (RERA) ने बिल्डरों पर सख्ती बढ़ा दी है। अब किसी भी आवासीय या व्यावसायिक परियोजना की शुरुआत से पहले बिल्डरों को परियोजना से जुड़े बैंक खाते की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।
रेरा के नए निर्देशों के अनुसार, बिल्डर को प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले संबंधित बैंक खाते की पूरी जानकारी समाचार पत्रों में प्रकाशित करनी अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और परियोजना में होने वाले वित्तीय लेन-देन को पारदर्शी बनाना है।
प्राधिकरण का मानना है कि कई मामलों में खरीदारों से प्राप्त धनराशि का उपयोग निर्धारित परियोजना के बजाय अन्य कार्यों में किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
नियम के तहत प्रत्येक परियोजना के लिए अलग बैंक खाता होना जरूरी है और खरीदारों से प्राप्त धन उसी खाते में जमा किया जाएगा। प्रकाशित सूचना में बैंक का नाम, शाखा, खाता विवरण और परियोजना से संबंधित आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी।
रेरा अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से घर खरीदारों को यह पता रहेगा कि उनका निवेश किस खाते में जा रहा है और धन का उपयोग केवल संबंधित परियोजना के निर्माण में ही हो रहा है। इससे परियोजनाओं में देरी और वित्तीय अनियमितताओं पर भी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का पालन न करने वाले बिल्डरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर में विश्वास बहाली और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।





