Tuesday, February 3, 2026

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देहरादून में सजेगी हिमालयी संस्कृति की महक: ‘गोरखा हिमालयन फेस्टिवल’ का आगाज; पहाड़ी जायके, पारंपरिक वेशभूषा और फैशन शो बनेंगे मुख्य आकर्षण

देहरादून: राजधानी देहरादून के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक और भव्य आयोजन जुड़ने जा रहा है। शहर में जल्द ही ‘गोरखा हिमालयन फेस्टिवल’ का आयोजन होने जा रहा है, जो न केवल गोरखा समुदाय की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करेगा, बल्कि हिमालयी संस्कृति के विभिन्न रंगों से भी रूबरू कराएगा। इस महोत्सव में पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद, पारंपरिक संगीत की थाप और आधुनिकता के साथ सजी पारंपरिक वेशभूषा का संगम देखने को मिलेगा। आयोजकों के अनुसार, इस बार का मुख्य आकर्षण एक विशेष ‘हिमालयन फैशन शो’ होगा, जिसमें युवा कलाकार अपनी जड़ों से जुड़ी कला को रैंप पर प्रदर्शित करेंगे।

स्वाद और सुगंध: पहाड़ी जायकों का सजेगा बाजार

महोत्सव में आने वाले आगंतुकों के लिए खान-पान के विशेष स्टॉल लगाए जा रहे हैं:

  • पारंपरिक व्यंजन: इस फेस्टिवल में सेल रोटी, गुंद्रुक, कोदो की रोटी और पहाड़ी मशरूम जैसे पारंपरिक गोरखा और उत्तराखंडी व्यंजनों के लाइव काउंटर होंगे।
  • ऑर्गेनिक उत्पाद: स्थानीय स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए पहाड़ी मसाले, शहद और हस्तशिल्प के उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

फैशन शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम: विरासत और आधुनिकता का मिलन

उत्सव का सबसे रोमांचक हिस्सा इसका सांस्कृतिक मंच होगा:

  1. मल्टी-कलर्ड फैशन शो: इसमें प्रतिभागी पारंपरिक गोरखा वेशभूषा जैसे ‘दौरा सुरुवाल’ और ‘गुन्यु चोलो’ को आधुनिक ट्विस्ट के साथ पेश करेंगे। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी पोशाक के प्रति गर्व महसूस कराना है।
  2. लोक नृत्य और संगीत: महोत्सव में खुकुरी नृत्य, मारुनी और मादल की धुन पर लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगी।
  3. कला प्रदर्शनी: एक विशेष खंड में गोरखा समुदाय के गौरवशाली इतिहास और वीरता की गाथाओं को चित्रों और कलाकृतियों के माध्यम से दर्शाया जाएगा।

पर्यटन और एकता को बढ़ावा देने की पहल

महोत्सव की आयोजन समिति के सदस्यों का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एकता का संदेश देना भी है:

  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान: यह फेस्टिवल राज्य के विभिन्न समुदायों के बीच आपसी समझ और भाईचारे को बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
  • पर्यटन को प्रोत्साहन: देहरादून आने वाले पर्यटकों के लिए यह हिमालयी जीवनशैली को करीब से देखने का एक बेहतरीन अवसर होगा।

आयोजन स्थल और समय

फेस्टिवल का आयोजन शहर के प्रमुख परेड ग्राउंड या गोरखा बहुल क्षेत्र (गढ़ी कैंट) के किसी बड़े मैदान में किए जाने की संभावना है। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर आयोजकों को सहयोग का आश्वासन दिया है।

“हमारा प्रयास है कि देहरादून की युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को न भूले। गोरखा हिमालयन फेस्टिवल के माध्यम से हम अपनी वेशभूषा, खान-पान और कला को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना चाहते हैं।” — आयोजन समिति के मुख्य समन्वयक

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