देहरादून। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में दशहरा उत्सव के दौरान रावण दहन का कार्यक्रम चर्चा में आ गया। यहां रावण का विशाल पुतला पूरी तरह नहीं जल पाया। आग लगने के बाद भी पुतले के सभी दस सिर और हाथ नहीं जल सके। इस घटना को लेकर आयोजन की तैयारियों और पुतला दहन की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी की ओर से 79वें दशहरा महोत्सव का आयोजन किया गया था। इस वर्ष रावण का 181 फीट ऊंचा पुतला आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने पहुंचे थे।
आतिशबाजी के बावजूद अधूरा रहा दहन
आयोजन के दौरान रावण के पुतले में आग लगाई गई, लेकिन पुतले के सभी हिस्से अपेक्षा के अनुरूप नहीं जल पाए। खास तौर पर उसके दस सिर और हाथ पूरी तरह आग की चपेट में नहीं आए। इससे रावण दहन का दृश्य अधूरा रह गया।
रावण दहन देखने पहुंचे लोगों के बीच यह घटना चर्चा का विषय बन गई। विशाल पुतले और भव्य आयोजन के बावजूद दहन पूरा नहीं होने से लोगों को निराशा हुई।
181 फीट ऊंचा पुतला बना था आकर्षण
इस वर्ष परेड ग्राउंड में उत्तराखंड के सबसे ऊंचे रावण के पुतलों में शामिल 181 फीट का पुतला तैयार किया गया था। आयोजन को लेकर पहले से व्यापक तैयारियां की गई थीं। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए भी पुलिस ने विशेष इंतजाम किए थे।
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। ऐसे में रावण दहन कार्यक्रम का अधूरा रह जाना आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।





