देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को उत्तराखंड के आपदाग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। राज्य में इस साल भारी बारिश, भूस्खलन और भू-धंसाव से बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। केदारनाथ के बाद यह वर्ष उत्तराखंड के लिए सबसे भीषण आपदाओं वाला साबित हुआ है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण न केवल जनहानि और पशुहानि हुई है, बल्कि सरकारी संस्थानों की लगभग 1900 करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई है।
राज्य सरकार ने नुकसान के आकलन के बाद केंद्र से 5702 करोड़ रुपये की राहत राशि की मांग की है। इसके लिए पहले ही केंद्र की एक टीम प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर चुकी है।
कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार शाम करीब 4:15 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ वे आपदाग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके बाद शाम 5 बजे देहरादून में उच्चस्तरीय बैठक होगी, जिसमें आपदा प्रबंधन, राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में राज्य सरकार के मंत्रियों के अलावा वरिष्ठ अधिकारी और केंद्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में प्रभावित गांवों के पुनर्वास, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण, आपदा से निपटने की भविष्य की रणनीति और केंद्र से वित्तीय सहयोग पर विशेष चर्चा होगी। सर्वेक्षण और बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी देर शाम दिल्ली लौट जाएंगे।
गौरतलब है कि लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते राज्य के कई जिलों में सड़कें और पुल बह गए, गांवों को भारी नुकसान हुआ और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। कई क्षेत्रों में भू-धंसाव की समस्या अब भी बनी हुई है और राहत-बचाव कार्य जारी हैं।





