देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की सांस्कृतिक और जनसांख्यिकीय अखंडता को लेकर अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि ‘देवभूमि’ के मूल स्वरूप और इसकी सनातन परंपराओं के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए राज्य सरकार ने ‘ऑपरेशन कालनेमी’ की शुरुआत की घोषणा की है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य राज्य में अवैध रूप से रह रहे संदिग्धों की पहचान करना और सनातन संस्कृति के विरुद्ध सक्रिय तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करना है।
क्या है ‘ऑपरेशन कालनेमी’?
मुख्यमंत्री ने इस अभियान का नाम रामायण के उस पात्र ‘कालनेमी’ के नाम पर रखा है जिसने साधु का भेष धरकर छल करने का प्रयास किया था। इस अभियान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- सत्यापन अभियान: प्रदेश के सभी 13 जिलों में बाहरी राज्यों से आकर बसे लोगों का सघन सत्यापन (Verification) किया जाएगा। विशेषकर धार्मिक स्थलों के आसपास रहने वाले लोगों की पहचान की गहन जांच होगी।
- अवैध अतिक्रमण पर प्रहार: देवभूमि की पवित्रता को प्रभावित करने वाले अवैध धार्मिक ढांचों और सरकारी भूमि पर किए गए कब्जों को इस अभियान के तहत चिन्हित कर ध्वस्त किया जाएगा।
- भेष बदलकर रहने वालों पर नजर: मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग अपनी पहचान छिपाकर या भेष बदलकर राज्य की शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, उनका हिसाब इस ऑपरेशन के जरिए किया जाएगा।
“सनातन विरोधियों को जगह नहीं” : मुख्यमंत्री के तीखे तेवर
एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने देवभूमि की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया:
- सांस्कृतिक पहचान की रक्षा: मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तराखंड ऋषियों-मुनियों की तपस्थली है। यहाँ की मर्यादा और परंपरा को भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।”
- जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर चिंता: राज्य के कुछ क्षेत्रों में तेजी से बदल रहे जनसांख्यिकीय स्वरूप (Demographic Change) पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि ‘लैंड जिहाद’ जैसे कृत्यों के लिए उत्तराखंड में कोई स्थान नहीं है।
- कठोर कानून: उन्होंने याद दिलाया कि सरकार पहले ही सख्त ‘धर्मांतरण कानून’ और ‘यूसीसी’ (UCC) की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है, और अब ‘ऑपरेशन कालनेमी’ सुरक्षा के घेरे को और मजबूत करेगा।
प्रशासनिक तंत्र को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस मुख्यालय और जिलाधिकारियों को इस अभियान को मिशन मोड में चलाने के निर्देश दिए हैं:
- खुफिया तंत्र की सक्रियता: एलआईयू (LIU) को सक्रिय कर संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों की सूची तैयार करने को कहा गया है।
- जनता से अपील: सरकार ने स्थानीय नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।




