Saturday, January 31, 2026

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दुनिया को मिला ‘अगला अल्बर्ट आइंस्टीन’: 12 साल की उम्र में बनाया विमान, 14 में भरा आसमान में फर्राटा; जानें कौन हैं सबरीना पैस्टर्स्की, जिनकी प्रतिभा देख नासा भी है हैरान

शिकागो/नई दिल्ली: विज्ञान की दुनिया में अक्सर ऐसे नाम सामने आते हैं जो अपनी बुद्धि से इतिहास बदल देते हैं। वर्तमान में 32 वर्षीय सबरीना गोंजालेज पैस्टर्स्की (Sabrina Gonzalez Pasterski) एक ऐसा ही नाम हैं, जिन्हें दुनिया का ‘अगला अल्बर्ट आइंस्टीन’ कहा जा रहा है। सबरीना की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी लगती है—उन्होंने महज 12 साल की उम्र में अपने घर के गैराज में एक सिंगल इंजन हवाई जहाज का निर्माण कर दिया था और 14 साल की उम्र में उसे सफलतापूर्वक उड़ाकर सबको दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। आज वे भौतिकी (Physics) के उन जटिल रहस्यों पर काम कर रही हैं, जिन्हें समझना दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिकों के लिए भी चुनौती बना हुआ है। उनकी इस मेधा को देखते हुए एमआईटी (MIT) और हार्वर्ड जैसे संस्थानों ने उन्हें ‘भविष्य की सबसे बड़ी वैज्ञानिक’ घोषित किया है।

बचपन से ही असाधारण: गैराज से आसमान तक का सफर

सबरीना की प्रतिभा बचपन में ही खिलने लगी थी, जहाँ अन्य बच्चे खिलौनों से खेलते थे, वे मशीनों के पुर्जों के साथ समय बिताती थीं:

  • नन्हा इंजीनियर: 12 साल की उम्र में उन्होंने कबाड़ और पुर्जों की मदद से एक विमान का ढांचा तैयार किया। उनके पिता ने उनकी इस रुचि को पहचाना और उनका सहयोग किया।
  • ऐतिहासिक उड़ान: 14 साल की उम्र में, जब उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं था, उन्होंने खुद के बनाए विमान को शिकागो के आसमान में उड़ाकर एफएए (FAA) के अधिकारियों को चकित कर दिया था।
  • एमआईटी में प्रवेश: जब वे एमआईटी (Massachusetts Institute of Technology) में दाखिला लेने पहुँचीं, तो शुरुआत में उन्हें वेटिंग लिस्ट में रखा गया, लेकिन जब प्रोफेसरों ने उनके विमान बनाने का वीडियो देखा, तो उन्हें तुरंत फुल स्कॉलरशिप के साथ प्रवेश दिया गया।

क्यों हो रही है आइंस्टीन से तुलना?

सबरीना की तुलना आइंस्टीन से केवल उनकी बुद्धिमत्ता के कारण नहीं, बल्कि उनके कार्य क्षेत्र के कारण भी की जा रही है:

  1. ब्लैक होल और क्वांटम ग्रेविटी: सबरीना ‘क्वांटम ग्रेविटी’ और ‘स्पेस-टाइम’ जैसे जटिल विषयों पर शोध कर रही हैं। वे उन समीकरणों को सुलझाने की कोशिश कर रही हैं जो ब्लैक होल के व्यवहार को परिभाषित करते हैं।
  2. स्टीफन हॉकिंग ने किया था उद्धृत: महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने अपने जीवन के अंतिम वर्षों में लिखे गए शोध पत्रों में सबरीना के काम का उल्लेख किया था, जो उनकी वैज्ञानिक क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण है।
  3. बिना सोशल मीडिया के ‘स्टार’: हैरानी की बात यह है कि सबरीना न तो स्मार्टफोन इस्तेमाल करती हैं और न ही किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं। उनका पूरा ध्यान केवल गणितीय गणनाओं और भौतिकी के सिद्धांतों पर केंद्रित है।

दिग्गज कंपनियों और संस्थाओं की है नजर

सबरीना की प्रतिभा को भुनाने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी संस्थाएं लाइन में खड़ी हैं:

  • नासा (NASA) का आमंत्रण: नासा ने उन्हें अपने विशेष प्रोजेक्ट्स से जुड़ने के लिए खुला प्रस्ताव दे रखा है।
  • जेफ बेजोस की दिलचस्पी: अमेजन और ‘ब्लू ओरिजिन’ के मालिक जेफ बेजोस ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वे जब चाहें उनकी कंपनी से जुड़ सकती हैं। उनके लिए नौकरियों के ऑफर की कोई कमी नहीं है, लेकिन वे वर्तमान में अकादमिक शोध को प्राथमिकता दे रही हैं।

निष्कर्ष: प्रेरणा का नया नाम

सबरीना पैस्टर्स्की केवल एक वैज्ञानिक नहीं, बल्कि दुनिया भर की उन लड़कियों के लिए प्रेरणा हैं जो विज्ञान और तकनीक (STEM) के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं। उनकी कहानी साबित करती है कि यदि जिज्ञासा को सही दिशा और समर्थन मिले, तो एक 12 साल का बच्चा भी दुनिया के सोचने का तरीका बदल सकता है। पूरी दुनिया अब यह देखने को उत्सुक है कि ‘अगली आइंस्टीन’ कही जाने वाली यह महिला आने वाले वर्षों में भौतिकी के किन अनसुलझे रहस्यों से पर्दा उठाएंगी।

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