नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना (IAF) ने वैश्विक एयर पावर रैंकिंग में एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट (WDMMA) की नवीनतम रैंकिंग में भारतीय वायुसेना को दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली वायुसेना का स्थान मिला है। इस सूची में अमेरिका पहले और रूस दूसरे स्थान पर हैं, जबकि भारत ने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) को पीछे छोड़ दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 के बाद यह लगातार पांचवीं बार है जब भारतीय वायुसेना ने चीन से बेहतर स्थान हासिल किया है। रैंकिंग केवल लड़ाकू विमानों की संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि विमान बेड़े की गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक, युद्धक क्षमता, रखरखाव, प्रशिक्षण, संतुलन और परिचालन दक्षता जैसे कई मानकों को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय वायुसेना की बहु-भूमिका निभाने वाले लड़ाकू विमान, आधुनिक हथियार प्रणालियां, मजबूत प्रशिक्षण व्यवस्था और रणनीतिक तैनाती ने उसे वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाई है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़ाने और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज बनाए रखने की आवश्यकता है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह उपलब्धि भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता और वायु शक्ति का महत्वपूर्ण संकेत है। बदलते वैशिक सुरक्षा परिदृश्य में भारतीय वायुसेना की यह रैंकिंग देश की रक्षा तैयारियों और सामरिक मजबूती को और अधिक स्थापित करती है।





