नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का दिल्ली-मेरठ के बीच 40 लेन की सड़क बनाए जाने का दावा चर्चा में है। पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने सड़क एवं राजमार्ग निर्माण से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए यह बात कही। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
दिल्ली-मेरठ क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए गए हैं। इनमें दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे प्रमुख है। इस एक्सप्रेसवे ने दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़ और मेरठ के बीच आवागमन को काफी आसान बनाया है। इसके जरिए दिल्ली से मेरठ की यात्रा का समय पहले की तुलना में काफी कम हुआ है।
हालांकि, 40 लेन की सड़क वाले दावे को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल भी उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के विभिन्न हिस्सों की लेन क्षमता अलग-अलग है। वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के एक हिस्से के उद्घाटन के दौरान 14 लेन की सड़क का उल्लेख किया था।
गडकरी का ताजा बयान इसी वजह से चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर कई लोग 40 लेन के दावे को लेकर स्पष्टीकरण मांग रहे हैं और यह जानना चाह रहे हैं कि मंत्री का आशय सड़क की कुल लेन क्षमता से था या किसी व्यापक सड़क नेटवर्क से।
दिल्ली-एनसीआर में यातायात दबाव कम करने और कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए केंद्र सरकार पिछले वर्षों में एक्सप्रेसवे और हाईवे परियोजनाओं पर जोर देती रही है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे भी इसी व्यापक बुनियादी ढांचा विकास का हिस्सा है, जिसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी के बीच सड़क संपर्क को नया स्वरूप दिया है।





