हैदराबाद/संगारेड्डी: तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां दो बड़े रिएक्टरों में एक के बाद एक भीषण धमाके हुए। धमाकों की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के गांवों में भी इसे सुना गया। धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री परिसर में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस हादसे में कई श्रमिकों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुँच चुकी हैं और आग पर काबू पाने की कोशिशें युद्धस्तर पर जारी हैं।
हादसे का विवरण: धमाकों से दहला औद्योगिक क्षेत्र पुलिस और चश्मदीदों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना दोपहर के वक्त हुई जब फैक्ट्री में सामान्य रूप से काम चल रहा था:
- अचानक हुए विस्फोट: फैक्ट्री के भीतर रखे दो शक्तिशाली रिएक्टरों में तकनीकी खराबी या दबाव बढ़ने के कारण जोरदार विस्फोट हुआ।
- आसमान में धुएं का गुबार: आग लगने के बाद आसमान में काले धुएं का गुबार मीलों दूर से देखा जा रहा है। फैक्ट्री से निकलने वाली जहरीली गैसों के डर से आसपास के इलाके को खाली कराया जा रहा है।
- मजदूरों में भगदड़: धमाके के वक्त प्लांट में बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे। विस्फोट होते ही वहां भगदड़ मच गई, जिससे कुछ लोग घायल भी हुए हैं।
राहत और बचाव कार्य: प्रशासन ने झोंकी पूरी ताकत हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें सक्रिय हो गई हैं:
- दमकल की कार्रवाई: अग्निशमन विभाग की 10 से अधिक गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं। चूंकि यह केमिकल फैक्ट्री है, इसलिए आग बुझाने के लिए पानी के साथ-साथ विशेष फोम का भी उपयोग किया जा रहा है।
- घायलों को अस्पताल में भर्ती: मलबे से निकाले गए घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुँचाया गया है। स्थानीय प्रशासन ने अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा है।
- सर्च ऑपरेशन: आग पर आंशिक काबू पाने के बाद एनडीआरएफ (NDRF) की टीम के फैक्ट्री के भीतर प्रवेश करने की संभावना है, ताकि अंदर फंसे लोगों को निकाला जा सके।
सुरक्षा और जांच के आदेश तेलंगाना सरकार ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं:
- कारणों की जांच: अधिकारियों का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि रिएक्टरों में ब्लास्ट की असली वजह क्या थी।
- सेफ्टी ऑडिट: औद्योगिक सुरक्षा विभाग अब इस बात की जांच करेगा कि क्या फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) का पालन किया जा रहा था या नहीं।





