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तमिलनाडु चुनाव: आयोग की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 1,200 करोड़ की नकदी और सोना जब्त; वोटिंग से पहले निगरानी हुई सख्त

चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाताओं को प्रलोभन से बचाने के लिए चुनाव आयोग ने राज्यभर में शिकंजा कस दिया है। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक पहले चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान में अब तक कुल 1,200 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी, सोना और अन्य अवैध सामग्री जब्त की जा चुकी है। यह आंकड़ा राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी माना जा रहा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

छापेमारी में मिली कुबेर की संपत्ति: नशीले पदार्थ और सोना भी शामिल

चुनाव अधिकारियों और फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा राज्य के विभिन्न हिस्सों में की गई छापेमारी में प्रलोभन की वस्तुओं का अंबार मिला है।

  • नकदी और आभूषण: जब्त की गई सामग्रियों में भारी मात्रा में बेहिसाब नकदी और सोने-चांदी के आभूषण शामिल हैं, जिन्हें चुनाव के दौरान मतदाताओं को बांटने के लिए रखा गया था।
  • नशीले पदार्थ और शराब: पुलिस ने अलग-अलग जिलों से करोड़ों रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ और अवैध शराब की खेप भी पकड़ी है।
  • उपहार सामग्री: साड़ियां, घरेलू उपकरण और अन्य मुफ्त बांटी जाने वाली वस्तुओं को भी चुनाव आयोग की टीमों ने अपने कब्जे में लिया है।

23 अप्रैल को मतदान: अंतिम समय में बढ़ाई गई चौकसी

जैसे-जैसे मतदान की तारीख (23 अप्रैल) करीब आ रही है, चुनाव आयोग ने अपनी सतर्कता को दोगुना कर दिया है।

  • नाकाबंदी तेज: अंतरराज्यीय सीमाओं और संवेदनशील विधानसभा क्षेत्रों में अतिरिक्त नाके लगाए गए हैं। हर आने-जाने वाले वाहन की बारीकी से तलाशी ली जा रही है।
  • ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी: संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आयोग आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी कैमरों का सहारा ले रहा है।

पारदर्शी चुनाव के लिए आयोग की प्रतिबद्धता

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस बार चुनाव आयोग ‘मनी पावर’ (धन बल) के इस्तेमाल को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।

  1. फ्लाइंग स्क्वॉड सक्रिय: राज्य भर में हजारों की संख्या में फ्लाइंग स्क्वॉड (FST) और स्टेटिक सर्विलांस टीमें (SST) 24 घंटे काम कर रही हैं।
  2. आयकर विभाग के साथ तालमेल: नकदी की बड़ी बरामदगी के मामलों में आयकर विभाग (IT Department) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी शामिल किया गया है ताकि धन के स्रोत का पता लगाया जा सके।

लोकतंत्र की शुचिता पर जोर

चुनाव अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभन या दबाव में न आएं और निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी उम्मीदवार या पार्टी के पास से वोट खरीदने के उद्देश्य से रखी गई सामग्री मिलती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और संबंधित क्षेत्र में चुनाव रद्द करने तक का फैसला लिया जा सकता है।

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