नई दिल्ली।
भारत और अमेरिका के बीच हालिया टैरिफ विवाद के बीच दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग मजबूत होता नजर आ रहा है। इसी क्रम में भारतीय सेना का एक दल अमेरिका पहुंच चुका है, जहां वह अमेरिकी सेना के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास (Military Exercise) में हिस्सा लेगा।
यह अभ्यास भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच रणनीतिक साझेदारी और आपसी तालमेल को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अभ्यास के दौरान दोनों सेनाएं काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशंस, जंगल और पहाड़ी इलाकों में युद्ध की रणनीति, आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल और आपसी समन्वय जैसे विषयों पर अभ्यास करेंगी।
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यह संयुक्त अभ्यास न केवल दोनों देशों की सेनाओं की क्षमता को बढ़ाएगा बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने में भी योगदान देगा। अमेरिका ने भी इस अभ्यास को दो देशों की मित्रता और रक्षा साझेदारी की एक मिसाल बताया है।
गौरतलब है कि यह युद्धाभ्यास ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ नीति को लेकर तनाव बना हुआ है। इसके बावजूद दोनों देशों ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक मतभेदों का असर सामरिक और रक्षा सहयोग पर नहीं पड़ेगा।
अभ्यास के समापन पर दोनों सेनाएं संयुक्त रूप से अपने अनुभव साझा करेंगी, ताकि भविष्य में आतंकवाद और सीमा सुरक्षा जैसी चुनौतियों का प्रभावी समाधान निकाला जा सके।





