Saturday, February 14, 2026

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टैरिफ विवाद के बीच कनाडा-मैक्सिको की नजदीकी, अमेरिका को घेरने की तैयारी

मेक्सिको सिटी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ संबंधी धमकियों के बीच कनाडा और मैक्सिको ने एकजुट होकर अपने आपसी संबंध मजबूत करने और व्यापारिक विकल्पों को विविध बनाने का एलान किया है। गुरुवार को मैक्सिको सिटी में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम की मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिमी गोलार्ध के सबसे अहम मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) यानी यूएसएमसीए को बनाए रखने और 2026 में होने वाली समीक्षा से पहले इसे और सशक्त करने की बात कही।

ट्रंप की छवि रही हावी

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब ट्रंप की आक्रामक व्यापार नीति और टैरिफ की चेतावनियों से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता गहराई हुई है। हालांकि वे बैठक में मौजूद नहीं थे, लेकिन उनकी छवि पूरे कार्यक्रम पर हावी रही। कनाडा और मैक्सिको दोनों देशों के नेताओं ने स्पष्ट संकेत दिया कि वे अब अमेरिका पर अत्यधिक निर्भरता को कम कर स्थिर विकल्पों की तलाश करेंगे।

“सहयोग से मजबूत हुआ अमेरिका” – कार्नी

बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा,
“उत्तरी अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसकी ताकत का बड़ा कारण कनाडा और मैक्सिको के बीच सहयोग है। हम अमेरिका के साथ मिलकर काम करते हैं और यही हमें सबको मजबूत बनाता है।”
उन्होंने आगे कहा कि कनाडा और मैक्सिको अपने द्विपक्षीय निवेश और व्यापार को नई दिशा देंगे।

शीनबाम का दो टूक बयान

मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि दोनों देशों ने एक साझा योजना पर सहमति बनाई है, जिसके जरिए समुद्री मार्गों का उपयोग कर व्यापार बढ़ाया जाएगा, ताकि माल अमेरिका से होकर न गुजरे। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल उनके द्विपक्षीय संबंधों को गहराई देगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा देगा।

क्यों अहम है यूएसएमसीए?

यूएसएमसीए (अमेरिका-मैक्सिको-कनाडा समझौता) दशकों से उत्तरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहा है। वर्तमान में कनाडा का 75% और मैक्सिको का 80% निर्यात अमेरिका को जाता है। ऐसे में ट्रंप की लगातार बदलती नीतियां दोनों देशों के लिए असुरक्षा की वजह बनी हुई हैं।

विवाद की पृष्ठभूमि

ट्रंप ने हाल ही में कनाडा और मैक्सिको पर फेंटानिल की तस्करी का आरोप लगाते हुए भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। इससे पहले कनाडा के कुछ प्रांतीय नेताओं ने सुझाव दिया था कि अगर नया व्यापार समझौता होता है, तो उसमें मैक्सिको को शामिल न किया जाए। इस रुख से मैक्सिको बेहद नाराज हुआ था। कार्नी का यह दौरा इसी पृष्ठभूमि में रिश्तों को सुधारने और आगे बढ़ाने के लिए अहम माना जा रहा है।

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