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टिहरी: घनसाली में रसोई गैस का संकट, आधी रात को एजेंसी के बाहर उमड़ी भीड़, मची अफरा-तफरी

टिहरी। उत्तराखंड के टिहरी जनपद अंतर्गत घनसाली क्षेत्र में रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडरों की भारी किल्लत सामने आई है। हालत यह हो गई कि गैस सिलेंडर पाने की उहापोह में कड़ाके की ठंड के बावजूद आधी रात को ही सैकड़ों उपभोक्ताओं की भीड़ इंडियन गैस एजेंसी के बाहर जमा हो गई। गैस खत्म होने की अफवाह और पिछले कई दिनों से सप्लाई न आने की खबरों के बीच मची इस अफरा-तफरी को नियंत्रित करने के लिए अंततः प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।

आधी रात को लंबी कतारें, गैस किल्लत की अफवाह का असर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घनसाली स्थित इंडियन गैस एजेंसी के बाहर शुक्रवार देर रात अचानक उपभोक्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। देखते ही देखते एजेंसी के गेट से लेकर सड़क तक खाली सिलेंडरों के साथ लोगों की लंबी कतारें लग गईं।

  • चिंता और अफरा-तफरी: क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस की कमी की खबरें तैर रही थीं। जैसे ही यह सूचना फैली कि सुबह गैस की गाड़ी आने वाली है, लोग इस डर से कि उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पाएगा, रात में ही लाइन में लग गए।
  • रात भर का इंतजार: कड़ाके की ठंड और अंधेरे के बावजूद, पुरुष, महिलाएं और बुजुर्ग अपने खाली सिलेंडरों के साथ कतार में डटे रहे। मौके पर भारी भीड़ के कारण अफरा-तफरी और हंगामे जैसी स्थिति पैदा हो गई।

पांच दिनों से सप्लाई ठप, समाजसेवी ने बताया कारण

स्थानीय समाजसेवी विनोद लाल ने क्षेत्र में व्याप्त गैस संकट की पुष्टि करते हुए बताया कि पिछले पांच दिनों से घनसाली में रसोई गैस की कोई सप्लाई नहीं आई है।

“गैस की गाड़ी न आने से लोगों के घरों में चूल्हे बुझने की नौबत आ गई है। इसी चिंता और अनिश्चितता के कारण, जैसे ही लोगों को पता चला कि सुबह गाड़ी आ सकती है, वे रात से ही लाइन में लग गए। प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।”

प्रशासन की दखल: एसडीएम ने लोगों को समझाकर घर भेजा

एजेंसी के बाहर आधी रात को मची अफरा-तफरी की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी (एसडीएम) घनसाली, अलकेश नौडियाल तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से संवाद किया।

  • आश्वासन और अपील: एसडीएम नौडियाल ने ठंड में ठिठुर रहे लोगों को समझाया-बुझाया और उन्हें आश्वस्त किया कि क्षेत्र में गैस की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
  • बुकिंग वालों को प्राथमिकता: उन्होंने स्पष्ट किया कि सुबह गैस की गाड़ी आने पर सबसे पहले उन्हीं उपभोक्ताओं को सिलेंडर दिए जाएंगे जिनकी पहले से बुकिंग हो रखी है।
  • शांतिपूर्ण वापसी: एसडीएम के ठोस आश्वासन और समझाइश के बाद, लोग शांत हुए और धीरे-धीरे अपने घरों को लौट गए। प्रशासन ने एजेंसी प्रबंधन को भी सुचारू सप्लाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

इस घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण जनता ने सरकार से माँग की है कि गैस जैसी बुनियादी जरूरत की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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