जोरहाट (असम): असम के जोरहाट जिले में भारतीय वायुसेना (IAF) का एक लड़ाकू विमान सुखोई-30 MKI (Su-30 MKI) नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हृदयविदारक हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की दुखद मृत्यु हो गई है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, विमान ने जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही समय बाद उसका रडार से संपर्क टूट गया और वह एक निर्जन इलाके में जा गिरा। विमान के गिरते ही उसमें भीषण आग लग गई, जिससे विमान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। वायुसेना ने इस घटना की पुष्टि करते हुए शहीद पायलटों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
हादसे का घटनाक्रम: अचानक टूटा संपर्क
प्रत्यक्षदर्शियों और वायुसेना के सूत्रों के अनुसार, घटना की कड़ियां इस प्रकार रहीं:
- नियमित सॉर्टी: सुखोई-30 ने अपनी रूटीन ट्रेनिंग उड़ान के तहत सुबह जोरहाट से टेक-ऑफ किया था। आसमान में सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक तकनीकी खराबी या किसी अन्य अज्ञात कारण से विमान अनियंत्रित होने लगा।
- भीषण विस्फोट: स्थानीय ग्रामीणों ने आसमान में एक तेज धमाके की आवाज सुनी, जिसके बाद विमान तेजी से जमीन की ओर गिरा। जमीन से टकराते ही विमान के परखच्चे उड़ गए और काले धुएं का गुबार उठने लगा।
- रेस्क्यू ऑपरेशन: सूचना मिलते ही वायुसेना की सर्च एंड रेस्क्यू टीम (SAR) और स्थानीय पुलिस हेलीकॉप्टर के जरिए मौके पर पहुँची, लेकिन तब तक दोनों पायलट वीरगति को प्राप्त हो चुके थे।
शहीद पायलटों को नमन: वायुसेना में शोक की लहर
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों पायलट अनुभवी बताए जा रहे हैं:
- साहस का परिचय: सूत्रों के अनुसार, पायलटों ने अंतिम क्षणों तक विमान को रिहायशी इलाके से दूर ले जाने की कोशिश की ताकि आम नागरिकों को कोई नुकसान न हो।
- सैन्य सम्मान: शहीद पायलटों के पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ एयरबेस लाया गया है, जहाँ से उन्हें उनके पैतृक निवास भेजा जाएगा।
- रक्षा मंत्री का संदेश: रक्षा मंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि राष्ट्र इन जांबाज योद्धाओं की सेवा और बलिदान को हमेशा याद रखेगा।
जांच के आदेश: ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ गठित
वायुसेना मुख्यालय ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं:
- ब्लैक बॉक्स की तलाश: जांच टीम विमान के ‘फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर’ (Black Box) की तलाश कर रही है, जिससे क्रैश होने से ठीक पहले की तकनीकी स्थिति और पायलटों की बातचीत का पता चल सकेगा।
- तकनीकी खामी या मानवीय भूल: ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ इस बात की जांच करेगी कि क्या हादसे की वजह इंजन फेलियर थी, पक्षी से टकराना (Bird Hit) था या फिर कोई अन्य तकनीकी खराबी।
- सुखोई बेड़े की समीक्षा: सुरक्षा के मद्देनजर वायुसेना वर्तमान में इस क्षेत्र में उड़ रहे अन्य सुखोई विमानों की भी गहन तकनीकी जांच कर रही है।





