डिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अब वैश्विक स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। खाड़ी क्षेत्र के बेहद अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तीन मालवाहक जहाजों पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल्स से हमला किया गया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ार भी बुरी तरह प्रभावित होने लगा है। ताजा घटनाक्रम के बाद कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है और विशेषज्ञों का मानना है कि हालात बिगड़ने पर यह कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। यही वजह है कि यहां होने वाली किसी भी घटना का असर सीधे दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
अधिकारियों के अनुसार, निशाना बनाए गए जहाजों में एक थाईलैंड के ध्वज वाला टैंकर भी शामिल था, जो ओमान के उत्तर में लगभग 11 समुद्री मील की दूरी पर मौजूद था। हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई, हालांकि रॉयल थाई नेवी ने चालक दल के सभी 23 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ईरान ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि जहाज के चालक दल ने उनकी चेतावनियों को अनसुना कर दिया था।
दूसरा हमला संयुक्त अरब अमीरात के तट से करीब 25 समुद्री मील दूर एक जापानी कंटेनर जहाज पर हुआ, जिसे मामूली नुकसान पहुंचा है। वहीं तीसरी घटना दुबई के उत्तर-पश्चिम में लगभग 50 समुद्री मील दूर सामने आई। युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर यह संदिग्ध ईरानी हमला 13वां माना जा रहा है।
ईरान के सख्त रुख ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता और बढ़ा दी है। तेहरान के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाकरी ने कड़े लहजे में कहा कि वैश्विक बाजारों को अब 200 डॉलर प्रति बैरल तक तेल की कीमत के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि क्षेत्रीय स्थिरता पर निर्भर ऊर्जा आपूर्ति इस संघर्ष से बुरी तरह प्रभावित हो रही है।





