नई दिल्ली (25 मार्च, 2026): भारत सरकार ने देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र (Civil Aviation Sector) में एक ऐतिहासिक क्रांति का सूत्रपात करते हुए, छोटे और मध्यम शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए अपना खजाना खोल दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में, क्षेत्रीय हवाई संपर्क को अभूतपूर्व विस्तार देने वाली ‘मॉडिफाइड उड़ान योजना’ (Modified UDAN Scheme) को मंजूरी दे दी गई। इस अति-महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कैबिनेट ने ₹28,840 करोड़ की भारी-भरकम राशि मंजूर की है, जिसका उपयोग देश भर में 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड/वाटर एयरोड्रोम विकसित करने के लिए किया जाएगा। यह फैसला न केवल आम आदमी के ‘हवाई चप्पल से हवाई जहाज’ तक के सफर के सपने को सच करेगा, बल्कि सुदूर क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी जबरदस्त गति देगा।
कैबिनेट के बड़े फैसले: ₹30,640 करोड़ की परियोजनाओं पर मुहर
बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में विमानन ढांचे, इमिग्रेशन और जलवायु प्रतिबद्धताओं को मजबूत करने वाले कुल ₹30,640 करोड़ के प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई:
- ‘मॉडिफाइड उड़ान’ को संजीवनी: ₹28,840 करोड़ के परिव्यय के साथ, ‘उड़ान’ योजना के अगले चरण का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 500 से अधिक नए और अनछुए हवाई मार्गों को सक्रिय करना है। सरकार का मुख्य फोकस अब मेट्रो शहरों के बजाय टीयर-2 और टीयर-3 शहरों में हवाई बुनियादी ढांचा तैयार करने पर है।
- हेलीपैड और वाटर एयरोड्रोम: योजना के तहत न केवल पारंपरिक हवाई अड्डे, बल्कि पहाड़ी और द्वीपीय क्षेत्रों के लिए 200 हेलीपैड और सीप्लेन के लिए वाटर एयरोड्रोम भी बनाए जाएंगे, जिससे देश का कोना-कोना हवाई मानचित्र पर आ सके।
- पर्यटन और रोजगार: केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस विस्तार से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन, व्यापार और रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने में मदद मिलेगी।
इमिग्रेशन और जलवायु नीति पर भी महत्वपूर्ण निर्णय
विमानन क्षेत्र के अलावा, कैबिनेट ने दो अन्य महत्वपूर्ण कूटनीतिक और सुरक्षा संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी दी:
- सुरक्षित और सुगम इमिग्रेशन (IVFRT 3.0): कैबिनेट ने विदेशी नागरिकों के लिए आव्रजन (Immigration), वीज़ा और पंजीकरण प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए ‘आईवीएफआरटी 3.0’ (Immigration, Visa and Foreigners Registration & Tracking) परियोजना के विस्तार को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य भारत आने वाले पर्यटकों और व्यापारियों को बेहतर अनुभव प्रदान करना और साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को अभेद्य बनाना है।
- पेरिस समझौते के प्रति प्रतिबद्धता (NDC): एक अहम नीतिगत फैसले में, कैबिनेट ने पेरिस समझौते के तहत भारत के ‘राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान’ (Nationally Determined Contributions – NDC) को अद्यतन (Update) करने को मंजूरी दे दी। यह निर्णय दर्शाता है कि भारत विकास के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और कार्बन उत्सर्जन कम करने की अपनी वैश्विक प्रतिबद्धताओं के प्रति पूरी तरह गंभीर है।





